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    बिहार के गांवों तक पहुंचेगी सस्ती ऋण सुविधा और सरकारी योजनाओं का लाभ, मंत्री ने नाबार्ड को दिए निर्देश

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 12:00 AM (IST)

    मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने नाबार्ड के बिहार कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने किसानों, ग्रामीणों और सहकारी संस्थाओं तक सुविधाओं की पहुंच बेहतर बनाने पर ...और पढ़ें

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    जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार

    जागरण संवाददाता, पटना। सहकारिता एवं पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बुधवार को नाबार्ड के बिहार क्षेत्रीय कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान राज्य में किसानों, ग्रामीणों और सहकारी संस्थाओं को मिल रही सुविधाओं और योजनाओं की पहुंच को और बेहतर बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। 

    नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने मंत्री को बताया कि संस्था किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन पुनर्वित्त (रीफाइनेंस) उपलब्ध कराती है, जिससे किसानों को सस्ती दर पर ऋण मिल सके। इसके अलावा ग्रामीण सड़कों, सिंचाई और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी वित्तीय सहायता दी जाती है। 

    रोजगार और आय बढ़ाने की दिशा में काम

    उन्होंने जानकारी दी कि नाबार्ड जल छाजन विकास, आदिवासी विकास, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन, ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास, ग्रामीण हाट और रूरल मार्ट के माध्यम से रोजगार और आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। साथ ही भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भी सहयोग किया जा रहा है। 

    मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि इन योजनाओं का सीधा लाभ गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचे, इसके लिए जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने नाबार्ड को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीणों तक जानकारी पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार और जनसंवाद को मजबूत किया जाए। 

    नाबार्ड के प्रयासों की सराहना

    उन्होंने सहकारी बैंकों और प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को मजबूत करने के लिए नाबार्ड के प्रयासों की सराहना की। साथ ही यह भरोसा दिलाया कि सरकार इन संस्थाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में पूरा सहयोग देगी। 

    इस दौरे को ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे आमजन को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।