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    बिहार राज्‍यसभा चुनाव: AIMIM-BSP पर क्‍यों टिकी एनडीए की नजर? एक-एक वोट के लिए बनाया चक्रव्यूह

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 09:56 PM (IST)

    Bihar Politics: बिहार राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए ने 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले रणनीति तैयार की है। पांच सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए ' ...और पढ़ें

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    बैठक में जाते व‍िजय कुमार स‍िन्‍हा, उपेंद्र कुशवाहा, डॉ. प्रेम कुमार व अन्‍य।

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    राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Rajya Sabha Chunav: बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों पर 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले गुरुवार को एनडीए विधायकों की बैठक हुई।

    एक-एक वोट सहेजने का चक्रव्यूह तैयार किया गया। अब अगली बैठक में माॅकपोल के माध्यम से एनडीए एक-एक वोट सहेजेगा।

    भाजपा के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक व छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा के निगरानी में हुई बैठक एनडीए की पांचों सीट जीत सुनिश्चित करने की रणनीति बनी।

    दोनों ड‍िप्‍टी सीएम समेत तीन प्रत्‍याश‍ियों ने रखे व‍िचार 

    बैठक को दोनों उपमुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी एवं व‍िजय कुमार सिन्‍हा के अत‍िर‍िक्‍त चुनाव लड़ रहे तीन प्रत्‍याशी उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर एवं श‍िवेश कुमार ने संबोध‍ित किया।

    इसके अत‍िर‍िक्‍त एनडीए में सम्‍म‍िल‍ित पांचों दलों के अध्‍यक्ष क्रमश: संजय सरावगी, उमेश कुशवाहा, राजू तिवारी, संतोष सुमन एवं आलोक स‍िंंह ने भी संबोध‍ित किया।

    इससे पहले पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने मतदान को लेकर व‍िधायकों को तैयारी संबंधि‍त जानकारी दी। चुनाव के दिन सभी को अपना विधानसभा से उपलब्‍ध कराए गए परिचय पत्र लेकर आने का सुझाव दिया।

    साथ ही मतदान संबंध‍ित बारीक‍ियों से भी अवगत कराया। कुछ व‍िधायक जरूरी कार्यों की वजह से बैठक में नहीं आ सके।  

    BJP 2

    (बैठक में जाते डॉ. द‍िलीप जायसवाल, मदन सहनी व संजय सरावगी।)

    उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई एनडीए की पहली बैठक

    विदित हो कि छह प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से पांचवीं सीट के लिए लड़ाई कांटे की हो गई है। विधायकों की संख्या बल के आधार पर भाजपा एवं जदयू को दो-दो सीट मिलना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि एनडीए की नजर पांचवीं सीट पर भी जीत दर्ज करने पर टिकी है।

    इसके लिए एनडीए के दिग्गज नेता गैर-एनडीए विधायकों का समर्थन जुटाकर अपनी संख्या मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। 

    इसी रणनीति के तहत भाजपा की ओर से गुरुवार देर शाम तक उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर एनडीए विधायकों की चली।

    इस दौरान चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। विधायकों को मतदान प्रक्रिया की बारीकी से जानकारी दी गई। मतदान के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी गलती से वोट निरस्त होने जैसी समस्या को लेकर सतर्कता बरतने की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया।

    बैठक में विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक श्रवण कुमार के अतिरिक्त सभी अन्य सचेतक भी उपस्थित थे। बैठक का संचालन विधानसभा में विधानसभा में उप मुख्य सचेतक विनोद नारायण झा किया।

    मतदान से पहले दो और बैठक होगी

    अब दूसरी बैठक 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और एनडीए के राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर होगी।

    इसके बाद 15 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी के आवास पर अंतिम रणनीतिक बैठक आयोजित की जाएगी।

    इन बैठकों के माध्यम से एनडीए विधायकों की एकजुटता, मतदान प्रबंधन और अतिरिक्त समर्थन जुटाने की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

    क्‍या कहता है वोटों का गणित? 

    विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर एनडीए मजबूत है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के कुल 202 विधायक हैं।

    इनमें भाजपा के 89, जदयू के 85, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19, जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवामी मोर्चा के पांच एवं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार विधायक एनडीए के पक्ष में हैं।

    वहीं, महागठबंधन की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। महागठबंधन में राजद के 25, कांग्रेस के छह, सीपीआइ (एमएल) के दो, सीपीआइ का एक, इंडियन इंसक्यूलसिव पार्टी (आईआईपी) एक विधायक है।

    इसके अतिरिक्त ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) के पांच एवं बसपा का एक विधायक हैं।

    कांग्रेस, बसपा व एआईएमआईएम पर नजर

    वोटों के गणित के अनुसार एनडीए को पांचवीं सीट जीतने के लिए तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है, जबकि महागठबंधन को जीत के लिए छह अतिरिक्त विधायकों का साथ चाहिए।

    ऐसे में पांच विधायकों वाली एआईएमआईएम एवं बसपा विधायक की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक मानी जा रही है। इसी कारण एनडीए खेमे ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ संभावित अतिरिक्त समर्थन जुटाने की कवायद भी तेज कर दी है।