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    शिक्षकों की कमाई गायब; सदन में घोटाले का आरोप, मंत्री बोले-एक महीने में सुधरेगी ईपीएफ गड़बड़ी

    Updated: Fri, 06 Feb 2026 07:12 PM (IST)

    बिहार विधानपरिषद में सरकारी स्कूल शिक्षकों के ईपीएफ घोटाले का मुद्दा उठा। आरोप है कि शिक्षकों के वेतन से ईपीएफ राशि कटने के बावजूद खातों में जमा नहीं ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के कई जिलों में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मियों की ईपीएफ राशि उनके खाते में जमा नहीं की गई है, जबकि उनके वेतनमद से इसकी कटौती हो गई है।

    विधानपरिषद में इस अल्पसूचित प्रश्न पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने नियमन दिया कि शिक्षा मंत्री चलते सत्र में यह बताएं कि इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है।

    विधानपरिषद में जीवन कुमार, डाॅ. वीरेंद्र नारायण यादव और प्रो. संजय कुमार सिंह ने यह प्रश्न उठाया था। संजीव कुमार सिंह ने कहा कि यह ईपीएफ घोटाला है।

    इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जवाब देते हुए माना कि कई जिलों में ईपीएफ राशि के भुगतान में समस्या है। इसे एक माह में सुधार लिया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि बेतिया, मुजफ्फरपुर, किशनगंज में गड़बड़ी करने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई की गई है। वहीं अब्दुलबारी सिद्दीकी ने नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े से जुड़ा प्रश्न उठाया और पूछा कि इसमें नियुक्त करने वाले पदाधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई है।

    इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि कार्रवाई हुई है। वह इसका विस्तृत जवाब 20 फरवरी को उपलब्ध करा देंगे।

    चार सालों में 312 प्रखंडों में खुलेंगे डिग्री कालेज : मंत्री

    शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि राज्य के 312 प्रखंड ऐसे हैं, जहां डिग्री काॅलेज की व्यवस्था नहीं है। अगले चार सालों में सरकार इसकी व्यवस्था करेगी।

    जब तक डिग्री काॅलेज की जमीन नहीं बन जाती, वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। वैकल्पिक जगह मिलते ही कई प्रखंडों में अगले सत्र से पढ़ाई भी शुरू कराने का प्रस्ताव है।

    डाॅ. अजय कुमार सिंह ने सहरसा के रमेश झा महिला काॅलेज में आडिटोरियम की कमी का सवाल पूछा, इसपर मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह में इंजीनियर की टीम निरीक्षण करेगी। 

    100 प्रतिशत संतुष्टि हो यह मुश्किल है : मंत्री

    विधानपरिषद में जीवन कुमार ने प्रधानाध्यापकों के अपने जिले से 100-500 किमी दूर स्कूलों में पदस्थापित करने और इसके कारण आ रही दिक्कतों को लेकर ध्यानाकर्षण लाया।

    इस पर शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक शिक्षकों की तुलना में प्रधानाध्यापकों की संख्या कम है। फिर भी यथासंभव कोशिश की जाएगी। पहले भी प्रधानाध्यापकों का तबादला हुआ है।

    सौ प्रतिशत संतुष्टि हो जाए, यह मुश्किल है, 70 प्रतिशत संतुष्टि का स्तर है। नीरज कुमार ने पटना विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति कोष का लाभ छात्रों को न मिल पाने का मामला उठाया।

    इस पर मंत्री ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति से जवाब मांगा गया है। समय पर जवाब न देने पर संबंधित पर कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा गया है।