Bihar Chunav 2025: बिहार में लाइसेंसधारी शस्त्रों के वेरिफिकेशन की बढ़ी अंतिम तारीख, प्रशासन ने अब 15 सितंबर तक का दिया समय
पटना में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने शस्त्र लाइसेंस धारकों के लिए सत्यापन की अंतिम तिथि 15 सितंबर तक बढ़ा दी है। अब लाइसेंसधारी अपने-अपने थानों में जाकर शस्त्रों का सत्यापन करा सकते हैं। कारतूसों के उपयोग का विवरण भी देना होगा। सत्यापन न कराने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। चुनाव में सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

जागरण संवाददाता, पटना। विधानसभा चुनाव में शस्त्रों का दुरुपयोग नहीं हो सके इसलिए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने लाइसेंसधारी आग्नेयास्त्रों व कारतूसों के सत्यापन की तिथि 15 दिन बढ़ा दी है। अब सभी लाइसेंसधारी संबंधित थाने में दोपहर दो से पांच बजे के बीच जाकर 15 सितंबर तक शस्त्र व कारतूसों का भौतिक सत्यापन करा सकेंगे।
इसके लिए थानों में दंडाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। बताते चलें कि इसके पूर्व डीएम ने सदर अनुमंडल के थानों में 25 से 30 अगस्त और पटनासिटी, दानापुर, मसौढ़ी, बाढ़ व पालीगंज अनुमंडलों में 27 अगस्त तक लाइसेंसधारी शस्त्रों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया था।
इतनी कम अवधि में शस्त्रों का सत्यापन कराने वालों की संख्या बहुत कम रहने के कारण इसकी अवधि 15 सितंबर तक बढ़ानी पड़ी। जिलाधिकारी ने गुरुवार को सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को इस बाबत आदेश जारी किया है।
तीन वर्ष में लिए कारतूसाें के इस्तेमाल का बताना होगा उचित कारण
जिलाधिकारी के आदेशानुसार थानावार लाइसेंसधारी शस्त्रों की सूची उपलब्ध करा दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। यदि किसी कारण से दंडाधिकारी दोपहर दो से शाम पांच बजे तक थाने में उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो अनुमंडल पदाधिकारी अपने स्तर से दूसरे अधिकारी को नियुक्त करेंगे।
शस्त्रों के साथ गत तीन वर्ष में क्रय किए कारतूसों की संख्या और उनकी उपयोगिता का भी विवरण होगा। यदि बिना उचित या पर्याप्त कारण कारतूसों का इस्तेमाल हुआ होगा तो इसकी अलग से जानकारी देने को कहा गया है। अनुमंडलों में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को शाम पांच बजे तक प्रतिदिन की रिपोर्ट जिला शस्त्र शाखा को आनलाइन उपलब्ध करानी होगी।
अब सत्यापन नहीं कराने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में सत्यापन नहीं कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों का पहले लाइसेंस निलंबित किया जाएगा और उसके बाद भी सत्यापन नहीं कराने पर उसे रद करने के साथ शस्त्र जब्त किए जा सकते हैं। कारतूसों के दुरुपयोग या प्रशासन को शस्त्रों के दुरुपयोग की आशंका होने पर मुकदमा दर्ज करा दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
चुनाव में दुरुपयोग रोकने को होता सत्यापन
चुनाव के दौरान शस्त्रों से क़ानून-व्यवस्था व निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को किसी तरह के खतरे की आशंका को कम करने के लिए शस्त्रों का सत्यापन कराया जाता है। सत्यापन क्रम में यह भी पता चलता है किसी के पास कोई अवैध शस्त्र तो नहीं है। इससे चुनाव पूर्व सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है व अप्रिय घटनाओं को रोका जा सकता है।
अंचल-थानावार शस्त्रों का सत्यापन
सदर अनुमंडल (25 से 15 सितंबर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक)
गांधी मैदान, पीरबहोर, कदमकुआं, सचिवालय, गर्दनीबाग, हवाई अड्डा, शास्त्रीनगर, श्री कृष्णापुरी, बुद्धा कालोनी, कोतवाली, राजीवनगर, पाटलिपुत्रा, दीघा, कंकड़बाग, पत्रकार नगर, जक्कनपुर, रामकृष्णा नगर,फुलवारीशरीफ, जानीपुर, बेऊर, परसा बाजार, गौरीचक और गोपालपुर।
पटना सिटी अनुमंडल (25 से 15 सितंबर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक)
आलमगंज, सुल्तानगंज, अगमकुंआ, मेहंदीगंज, खाजेकलां, बायपास, चौक, मालसलामी, दीदारगंज, फतुहा, दनियावां, खुशरुपुर, शाहजहांपुर, बहादुरपुर और नदी थाना।
दानापुर अनुमंडल (25 से 15 सितंबर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक):
दानापुर, रूपसपुर, खगौल, शाहपुर, मनेर, बिहटा, नौबतपुर, अकिलपुर और पीपलावां।
पालीगंज अनुमंडल (25 से 15 सितंबर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक)
पालीगंज, दुल्हिनबाजार, खीरीमोर, रानीतालाब, बिक्रम और सिगोरी।
बाढ़ अनुमंडल (25 से 15 सितंबर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक)
बाढ़, सालिमपुर, बेलछी, भदौर, अथमलगोला, मरांची, सकसोहरा, हाथीदह, पंडारक, घोसवरी, पंचमहला, समयागढ़, बख्तियारपुर, मोकामा और एनटीपीसी थाना।
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