खाड़ी देशों में प्रवासी भारतीयों के लिए कांसुलर सेवाएं सशक्त, सुरक्षित प्रवासन पर जोर
विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में डॉ. भीम सिंह के प्रश्न पर खाड़ी देशों में कार्यरत बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के प्रवासी भारतीयों के लिए कांसुलर सेवा ...और पढ़ें

सांसद डॉ. भीम सिंह (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्यसभा में डॉ. भीम सिंह द्वारा उठाए गए प्रश्न पर विदेश मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों, विशेषकर खाड़ी देशों में कार्यरत बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के श्रमिकों के लिए कांसुलर सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि विदेशों में स्थित भारतीय मिशन और केंद्र वाक-इन सुविधा, ईमेल, सोशल मीडिया, 24×7 आपातकालीन हेल्पलाइन, टोल-फ्री नंबर, ‘मदद’ और सीपीग्राम्स जैसे शिकायत निवारण पोर्टलों के माध्यम से त्वरित सहायता प्रदान करते हैं। संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को भारतीय समुदाय कल्याण कोष के अंतर्गत आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
सरकार ने यह भी बताया कि सुरक्षित और कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने तथा शोषण रोकने के लिए विभिन्न देशों के साथ माइग्रेशन एवं मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट तथा लेबर वेलफेयर एग्रीमेंट किए गए हैं।
जीसीसी देशों के साथ श्रम सहयोग समझौते लागू हैं तथा घरेलू कामगारों के हितों की रक्षा हेतु सऊदी अरब, यूएई और कुवैत के साथ विशेष करार किए गए हैं| इसके अतिरिक्त, प्रवासी कामगारों को जागरूक बनाने हेतु प्रस्थान-पूर्व अभिविन्यास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित है।
अब तक 2,30,342 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा देशभर में 47 केंद्र कार्यरत हैं। यह कार्यक्रम प्रवासियों को सुरक्षित और कानूनी प्रवासन के प्रति जागरूक करता है।
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