'मुंह खोलो... नहीं तो झुनझुना ही मिलेगा'; चिराग पर मांझी का तंज, भरे मंच से बेटे को दी नसीहत
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा की बैठक में जीतन राम मांझी ने चिराग पासवान पर बिना नाम लिए तंज कसा और अपने बेटे संतोष सुमन को भी मुखर होने की सलाह दी। ...और पढ़ें

'मुंह खोलो, नहीं तो झुनझुना ही मिलेगा'; चिराग पर मांझी का तंज (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) की राज्य परिषद की बैठक में पार्टी संस्थापक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjh) ने लोजपा रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) का बिना नाम लिए खूब तंज कसा और बेटे को भी उनकी तरह बोलने की नसीहत दी।
सोमवार को विद्यापति भवन में आयोजित कार्यक्रम में मांझी ने मंच से कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए एक आदमी कहता है- मेरे रहते आरक्षण और संविधान को कोई नहीं हटा सकता। कौन हो तुम। इसे नाखून कटाकर शहीद होना कहते हैं।
अपने बेटे एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर देखते हुए कहा- संतोष तुम भी बोलो। मुंह बंद रखने से नहीं होता है। ऐसा-ऐसा बोलकर उतना सीट ले लिया। आज बड़का हो गए। तुमको क्या मिला-झुनझुना पकड़ा दिया- छह सीट। महिला चूड़ी पहनती है तो उसे झुनझुनाती है। तु़म्हारे पास भी वोट है, झुनझनाओ तब ही सीट मिलेगा। जो दिखता है, वही बिकता है।
आरक्षण के मुद्दे पर कहा- मैं तो कहता हूं जब तक देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं, आरक्षण और संविधान को कोई नहीं हटा सकता।
मांझी ने कहा कि आज बिहार में बड़ी तीक्ष्ण राजनीति चल रही है। सम्राट किसी के आंख का कांटा बने हुए हैं। जो पुलिस कार्रवाई हो रही, वह कुछ लोगों को नहीं पच रहा है।
मांझी ने कहा कि लालू प्रसाद मेरे विरोधी हैं, फिर भी लोगों से कहते हैं कि जीतन राम मांझी को 11 प्रतिशत वोट ठोका हुआ है। वह सही कहते हैं।
अनिल फिर बने अध्यक्ष, अविनाश प्रदेश प्रधान महासचिव:
पार्टी की बैठक में सर्वसम्मति से डा अनिल कुमार को फिर से निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष और अविनाश कुमार को प्रदेश प्रधान महासचिव की जिम्मेदारी दी गई।
संतोष कुमार सुमन ने कहा कि पार्टी पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को और अधिक सशक्त करेगी।
कार्यक्रम में विधायक प्रफुल्ल मांझी, ललन राम, रमित कुमार सिंह के साथ प्रवक्ता श्यामसुंदर शरण और मीडिया प्रभारी गिरधारी सिंह आदि मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- एक एनकाउंटर... तीन दलित नेता... अलग-अलग स्टैंड! आखिर बिहार में चल क्या रहा है?