केरल का नाम ‘केरलम’ करने पर बोले राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान: 'अंग्रेजों ने कहा केरल, असल नाम तो केरलम ही है'
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल राज्य का नाम 'केरलम' करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि 'केरल' नाम अंग्रेजों ने दिया था, ज ...और पढ़ें

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान
डिजिटल डेस्क, पटना। Arif Mohammad Khan ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने राज्य को ‘केरल’ कहना शुरू किया था। जबकि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से इसका नाम ‘केरलम’ ही रहा है। उन्होंने इसे सकारात्मक पहल बताया। राज्यपाल के अनुसार यह कदम परंपरा से जुड़ाव को मजबूत करेगा। साथ ही सांस्कृतिक अस्मिता को भी पहचान दिलाएगा।
‘अच्छी बात है’-राज्यपाल की स्पष्ट राय
राज्यपाल ने कहा, 'ये तो अच्छी बात है।' उनका मानना है कि नाम में बदलाव कोई नई बात नहीं है। देश में कई शहरों और राज्यों के नाम बदले गए हैं।
यह बदलाव ऐतिहासिक सच्चाई को स्वीकार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि पहचान और विरासत का सम्मान जरूरी है। इसी सोच के साथ इस पहल को देखा जाना चाहिए।
विकसित भारत के संदर्भ में बयान
राज्यपाल ने अपने बयान को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत तभी बनेगा जब सभी राज्य आगे बढ़ें। आज जो राज्य पिछड़े माने जाते हैं, उन्हें अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
हर क्षेत्र में संतुलित विकास जरूरी है। क्षेत्रीय असमानता खत्म करना समय की मांग है। तभी राष्ट्रीय प्रगति का लक्ष्य साकार होगा।
दक्षिण और उत्तर का साझा योगदान
उन्होंने कहा कि देश का विकास किसी एक क्षेत्र से संभव नहीं। उत्तर और दक्षिण, पूर्व और पश्चिम-सभी का योगदान अहम है। राज्यों को अपनी ऐतिहासिक पहचान पर गर्व होना चाहिए।
लेकिन साथ ही विकास की दौड़ में भी आगे रहना होगा। संघीय ढांचे में सहयोग की भावना जरूरी है। इसी समन्वय से मजबूत और विकसित भारत का निर्माण होगा।
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