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    जयनगर-पटना एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, करबिगहिया रेलवे अस्पताल में ट्रेन मैनेजर की मौत पर प्रदर्शन

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 10:19 PM (IST)

    पटना के करबिगहिया स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल में एक ट्रेन मैनेजर की कथित लापरवाही से मौत हो गई, जिसके बाद रेलवे कर्मचारियों और परिजनों ने विरोध प्रदर्शन क ...और पढ़ें

    ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

    ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

    जागरण संवाददाता, पटना। बेगूसराय से लू लगने के बाद किया गया था रेफर, कर्मचारियों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप। पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

    ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

    जागरण संवाददाता, पटना। पटना स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल, करबिगहिया में इलाज में कथित लापरवाही के कारण एक रेलवे कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है।

    घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों और मृतक के स्वजन में आक्रोश फैल गया तथा अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया गया। पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

    जयनगर-पटना एक्सप्रेस में कर रहे थे ड्यूटी

    बरौनी जंक्शन में कार्यरत पैसेंजर ट्रेन मैनेजर प्रदीप कुमार (42 वर्ष) शनिवार को गाड़ी संख्या 15527 जयनगर-पटना एक्सप्रेस में ड्यूटी करते हुए पटना पहुंचे थे।

    बताया गया कि उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और लगातार उल्टी होने के कारण उन्हें इलाज के लिए सेंट्रल हॉस्पिटल, करबिगहिया के इमरजेंसी विभाग में ले जाया गया।

    स्वजन ने समय पर इलाज नहीं मिलने का लगाया आरोप

    मृतक के स्वजन और सहकर्मियों का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें समय पर उचित चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिली।

    इमरजेंसी में प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मेडिकल वार्ड में भेज दिया गया, जहां बार-बार अनुरोध करने के बावजूद डॉक्टर को नहीं बुलाया गया।

    स्वजन लालू कुमार का कहना है कि मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती रही, लेकिन आवश्यक चिकित्सा सहायता समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई।

    गंभीर हालत में आईसीयू ले जाने की बनी नौबत

    उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह करीब चार बजे जब प्रदीप कुमार की हालत गंभीर हो गई और वे बेहोश हो गए, तब उन्हें आईसीयू में ले जाने की बात कही गई।

    दावा है कि उस समय कोई मेडिकल अटेंडेंट उपलब्ध नहीं था। इसके कारण स्वजन को ही ट्रॉली के सहारे मरीज को रैंप से ऊपर स्थित आईसीयू तक ले जाना पड़ा।

    लिफ्ट खराब होने का भी लगाया आरोप

    बताया गया कि अस्पताल की लिफ्ट भी उस समय खराब थी। इसी दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतक के स्वजन और कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया और चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए।

    कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही।

    यूनियन ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

    पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) के महामंत्री एसएनपी श्रीवास्तव समेत यूनियन के कई पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे।

    उन्होंने पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक को पत्र भेज दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। ईसीआरकेयू के मीडिया प्रभारी एके शर्मा ने कहा कि अस्पताल में कर्मियों की लापरवाही नई बात नहीं है।

    रेलवे प्रशासन ने दी घटना की जानकारी

    रेलवे अस्पताल प्रशासन के एमडी का कॉल रिसीव नहीं हुआ। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि प्रदीप कुमार को रेल अस्पताल में रविवार की शाम 4:20 बजे लाया गया था।

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    इमरजेंसी में डॉ. प्रशांत ने उपचार किया था। स्टेबल होने पर मेल वार्ड में भेज दिया गया। सोमवार की सुबह बाथरूम जाने के दौरान अचेत हो गए। इमरजेंसी में ले जाने के दौरान उनकी मृत्यु हुई है।