बैंकिंग, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाओं से जुड़ेंगे बिहार के गांव, लोगों को मिलेंगे इतने फायदे
भारतीय स्टेट बैंक पटना मंडल के महाप्रबंधक अनुराग जोशी ने बताया कि एसएलबीसी बिहार वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य गांवों को बैंकिंग बीमा और पेंशन जैसी सुविधाओं से जोड़ना है। जन-धन खाते खोलना केवाईसी अपडेट करना निष्क्रिय खातों को चालू करना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाना शामिल है। यह अभियान 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक चलेगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पटना मंडल के मुख्य महाप्रबंधक अनुराग जोशी ने बताया कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) बिहार के सभी गाँवों को बैंकिंग, बीमा, पेंशन और अन्य सुविधाओं से जोड़ने के लिए वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान चला रही है।
जोशी मंगलवार को होटल मौर्या में एसएलबीसी और पत्र सूचना कार्यालय द्वारा इस अभियान के संबंध में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत नया खाता खोलना, पुराने खातों के केवाईसी दस्तावेज़ों को अद्यतन करना, पुराने निष्क्रिय खातों को पुनः संचालित करना और खातों में नामांकन सुविधा को अद्यतन करना है।
इसके साथ ही, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का लाभ बैंकों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर पहुंचाना और लोगों को जागरूक करना है। बिहार में यह अभियान 1 जुलाई, 2025 से शुरू होकर 30 सितंबर, 2025 तक चलेगा।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के निर्देश पर सभी पंचायतों में ये अभियान चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम को एसएलबीसी के महाप्रबंधक रवींद्र कुमार श्रीवास्तव और पत्र सूचना कार्यालय, पटना के सहायक निदेशक कुमार सौरभ ने भी संबोधित किया।
साइबर धोखाधड़ी रोकने की दी जा रही है जानकारी
अभियान के दौरान ग्रामीणों को साइबर धोखाधड़ी रोकने और अघोषित जमा राशि निकालने की विधि से संबंधित जानकारी दी जा रही है। अभियान के सफल संचालन के लिए ग्राम, जिला और राज्य स्तर पर कार्यक्रम और बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
इसकी निगरानी एसएलबीसी और आरबीआई पटना द्वारा की जा रही है। एसएलबीसी के महाप्रबंधक रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 18 अगस्त तक राज्य की 4540 ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जा चुके हैं।
अब तक शिविरों में कुल 1.70 लाख पीएमजेडीवाई खाते, 1.57 लाख पीएमजेजेबीवाई और 3.06 लाख पीएमएसबीवाई खाते नामांकित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, एपीवाई में कुल 61609 लोगों का अंशदान प्राप्त हुआ है और 2.39 खातों का पुनः केवाईसी किया गया है।
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