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    तेजप्रताप के बोल से मचा बवाल: 'महिलाएं सिगरेट पीतीं; पुरुष देखते रह जाते', नीतीश के लाल को बताया- शून्य बटा सन्नाटा

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 10:28 PM (IST)

    तेज प्रताप यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार में शराबबंदी को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे पर भी तंज कसा और ...और पढ़ें

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    तेज प्रताप यादव 

    डिजिटल डेस्क, पटना। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Tej Pratap Yadav ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह फेल हो चुकी है। राज्य में हर जगह शराब मिलने का दावा किया गया। राजधानी के बोरिंग रोड में महिलाएं सिगरेट पीती हैं, और पुरुष उनका मुंह देखते हैं।

    सरकार की नीति पर सीधे सवाल खड़े किए गए। इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है।

    नीतीश के दिल्ली दौरे पर तंज, कही बड़ी बात

    तेज प्रताप ने Nitish Kumar के दिल्ली जाने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी फेल होने की वजह से ही यह कदम उठाया गया।

    नीतीश के फैसले के पीछे ‘राज’ होने की बात भी कही। हालांकि उस राज का खुलासा करने से इनकार कर दिया।

    बयान में उन्होंने तीखे और व्यंग्यात्मक शब्दों का इस्तेमाल किया। इससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

    निशांत कुमार पर टिप्पणी, बयान से बढ़ा विवाद

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने निशांत कुमार पर भी टिप्पणी की। उन्हें 'शून्य बट्टा सन्नाटा' तक कह दिया। कहा कि वे राजनीति में नए हैं और अनुभव कम है।

    इस बयान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो सकती है। राजनीतिक माहौल और गर्माने के संकेत हैं।

    तेजस्वी के बयान पर भी अलग राय रखी

    Tejashwi Yadav के बयान पर भी तेज प्रताप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार को गरीब कहना ठीक नहीं है। राज्य की छवि को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।

    हालांकि उन्होंने इसे व्यक्तिगत राय बताया। दोनों भाइयों के बीच मतभेद की चर्चा भी शुरू हो गई। इस बयान ने एक नया राजनीतिक एंगल दे दिया है।

    पार्टी और नेतृत्व पर क्या बोले तेज प्रताप

    तेजस्वी के पार्टी में बढ़ते कद पर भी सवाल हुआ। इस पर तेज प्रताप ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। उन्होंने माना कि तेजस्वी आगे बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

    इसे विचारों की लड़ाई करार दिया गया। पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश दिखी। राजद की आंतरिक राजनीति पर भी नजरें टिक गई हैं।

    बंगाल चुनाव और सीमाई मुद्दों पर दिया संकेत
    पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने बड़ा बयान दिया।
    कहा कि उनकी पार्टी इस बार चुनाव नहीं लड़ेगी।
    फिलहाल संगठन को मजबूत करने पर फोकस रहेगा।
    सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी।
    जो राज्य के हित में काम करेगा, उसका समर्थन करने की बात कही।
    उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला जनता ही करेगी।