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    बिहार में चार पोतों संग आत्मदाह करने पहुंच गई दादी, बिहार सरकार की योजनाओं के लिए भटकती रही

    By Dhananjay kumarEdited By: Radha Krishna
    Updated: Thu, 21 May 2026 08:37 PM (IST)

    रोहतास के करगहर में एक 80 वर्षीय वृद्धा ने अपने चार पोतों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। बेटे-बहू की मौत के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने से परेशा ...और पढ़ें

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    योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से टूटी वृद्धा

    HighLights

    1. वृद्धा ने चार पोतों संग आत्मदाह का प्रयास किया।

    2. बेटे-बहू की मौत के बाद सरकारी लाभ नहीं मिला।

    3. स्थानीय लोगों ने सूझबूझ से पांच जिंदगियां बचाईं।

    जागरण संवाददाता, सासाराम(रोहतास)। रोहतास जिले के करगहर प्रखंड परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक वृद्ध महिला अपने चार मासूम पोतों के साथ आत्मदाह करने पहुंच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह समझा-बुझाकर और हस्तक्षेप कर घटना को टाल दिया।

    घटना के दौरान बच्चे डर से जोर-जोर से रोने लगे। परिसर में मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन आरोप है कि कुछ कर्मचारी और अधिकारी मदद करने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाने में लगे रहे।

    योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से टूटी वृद्धा

    आत्मदाह का प्रयास करने वाली महिला की पहचान करगहर प्रखंड के अमवलिया गांव निवासी 80 वर्षीय सुहागिनी कुंवर के रूप में हुई है।

    वृद्धा ने बताया कि करीब ढाई साल पहले उनके बेटे और बहू की मौत हो गई थी।

    इसके बाद चार छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उन पर आ गई। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

    भीख मांगकर पोतों का पेट भरने को मजबूर

    वृद्धा ने बताया कि आठ वर्षीय टप्पू, अमरजीत, प्रीति कुमारी और प्रतिमा कुमारी की परवरिश के लिए उन्होंने कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई सहायता नहीं मिली।

    उन्होंने कहा कि परवरिश योजना के तहत अनुदान नहीं मिला और बेटे-बहू की मौत के बाद कबीर अंत्येष्टि योजना व पारिवारिक लाभ योजना की राशि भी नहीं दी गई।

    जिला से प्रखंड तक लगाती रहीं चक्कर

    सुहागिनी कुंवर ने बताया कि वह जिला कार्यालय से लेकर प्रखंड कार्यालय तक लगातार चक्कर लगाती रहीं, लेकिन हर जगह सिर्फ आश्वासन मिला।

    आर्थिक तंगी इतनी बढ़ गई कि अब उनके पास भीख मांगने के अलावा कोई दूसरा सहारा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि सरकारी मदद नहीं मिलने से मजबूर होकर उन्होंने बच्चों के साथ जीवन समाप्त करने का फैसला कर लिया था।

    लोगों ने बचाई पांच जिंदगियां

    घटना के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए वृद्धा और बच्चों को आत्मदाह करने से रोक लिया। अगर समय रहते लोग आगे नहीं आते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

    घटना के बाद प्रखंड परिसर में काफी देर तक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कई लोग प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए।

    बीडीओ बोले-कार्रवाई की जा रही है

    मामले को लेकर करगहर बीडीओ अजीत कुमार ने कहा कि वृद्धा को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि परिवार को राहत मिल सके।

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