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    OPS की मांग के बीच बड़ा अपडेट! UPS पर कितने कर्मचारियों ने जताया भरोसा? निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब, भड़के कर्मचारी

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 08:48 PM (IST)

    8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने बताया कि 1.18 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को चुना है, जबकि कर्मचारी संगठन इसे स ...और पढ़ें

    UPS पर कितने कर्मचारियों ने जताया भरोसा? निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब, भड़के कर्मचारी (फोटो AI जनरेटेड)

    UPS पर कितने कर्मचारियों ने जताया भरोसा? निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब, भड़के कर्मचारी (फोटो AI जनरेटेड)

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    नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग में ओल्ड पेंशन स्कीम बहाली (OPS) की मांग के बीच केंद्र सरकार ने संसद में ऐसा आंकड़ा पेश किया है, जिसने लाखों सरकारी कर्मचारियों का ध्यान खींच लिया। सरकार ने बताया है कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू होने के बाद से अब तक 1.18 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पात्र रिटायर कर्मचारी इस योजना को चुन चुके हैं। इससे साफ है कि रिटायरमेंट के बाद सुनिश्चित पेंशन की चाह रखने वाले कर्मचारियों का रुझान UPS की ओर बढ़ रहा है।

    लोकसभा में लिखित जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 19 जुलाई 2026 तक UPS के कुल 1,18,195 सब्सक्राइबर हो चुके हैं। इनमें नए भर्ती कर्मचारी, पहले से नौकरी कर रहे कर्मचारी और वे रिटायर कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना का विकल्प चुना है।

    संगठनों ने जताई नाराजगी, मांगा जवाब!

    ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने लोकसभा में UPS को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा,

    सरकार का यह कहना कि फिलहाल UPS में कोई बदलाव या उसे बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है, लाखों कर्मचारियों की उम्मीदों को बड़ा झटका है। इससे भी हैरानी की बात यह है कि सरकार ने योजना लागू होने के बाद अब तक उसका कोई रिव्यू तक नहीं किया।"

    UPS कोई सुनिश्चित योजना नहीं- पटेल

    पटेल का दावा है कि डेढ़ साल की कवायद के बाद लाई गई UPS को कर्मचारियों ने व्यापक रूप से स्वीकार नहीं किया। उनका आरोप है कि यह कोई सुनिश्चित पेंशन योजना नहीं, बल्कि केवल एक "पे-आउट" व्यवस्था है, जिसमें कर्मचारियों से पूरी सेवा अवधि के दौरान योगदान लिया जाता है। उनका कहना है कि इसी वजह से देशभर में कर्मचारी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली जैसे केंद्र शासित प्रदेश में UPS को मंजूरी मिलने के बावजूद यह पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। इतना ही नहीं, जिन कर्मचारियों ने UPS का विकल्प चुना है, उन्हें रिटायरमेंट के बाद न तो NPS के तहत पेंशन मिल रही है और न ही UPS का लाभ स्पष्ट रूप से मिल पाया है।

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    आखिर कर्मचारी अपना हक किससे मांगें?

    मंजीत सिंह पटेल ने सरकार से सवाल किया कि जब लाखों कर्मचारी अपनी समस्या और मांग सरकार के सामने रख रहे हैं, तो उसे अनदेखा क्यों किया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर सरकार के पास कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है, तो आखिर कर्मचारी अपना हक किससे मांगें। उन्होंने सरकार से UPS पर दोबारा गंभीरता से विचार करने और कर्मचारियों की चिंताओं का समाधान निकालने की मांग की।

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    UPS क्यों लाई गई?

    सरकार ने 24 जनवरी 2025 को UPS को अधिसूचित किया था और 1 अप्रैल 2025 से इसे लागू किया गया। यह योजना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत एक विकल्प के रूप में शुरू की गई है। इसका मकसद NPS से जुड़े केंद्रीय कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद सुनिश्चित मासिक पेंशन देना है, जबकि योजना का योगदान आधारित ढांचा भी बना रहे।

    सरकार का कहना है कि NPS कर्मचारियों की लंबे समय से यह मांग थी कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद निश्चित पेंशन मिले। इसी को ध्यान में रखते हुए UPS लाई गई।

    किन लोगों को मिला UPS का विकल्प?

    UPS सिर्फ नए कर्मचारियों के लिए नहीं है। सरकार ने उन कर्मचारियों को भी इसका विकल्प दिया है, जो 31 मार्च 2025 तक NPS के तहत रिटायर हो चुके हैं और जिन्होंने कम से कम 10 साल की नियमित सेवा पूरी की है। ऐसे पात्र दिवंगत कर्मचारियों के कानूनी जीवनसाथी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

    UPS में क्या-क्या फायदे मिलेंगे?

    सरकार ने UPS चुनने वाले कर्मचारियों को कई अतिरिक्त सुविधाएं भी दी हैं।

    • रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी का लाभ।
    • सेवा के दौरान मृत्यु, दिव्यांगता या मेडिकल आधार पर सेवा समाप्त होने की स्थिति में CCS Pension Rules, 2021 और CCS Extraordinary Pension Rules, 2023 के तहत उपलब्ध लाभ लेने का विकल्प।
    • NPS की तरह ही टैक्स बेनिफिट।
    • एक बार UPS चुनने के बाद वन-टाइम स्विच के जरिए वापस NPS में लौटने की सुविधा।

    क्या UPS में आगे कोई बदलाव होगा?

    सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल UPS की समीक्षा नहीं की गई है। इसकी वजह यह है कि योजना 1 अप्रैल 2025 से ही लागू हुई है और अभी इसके प्रदर्शन का आकलन करना जल्दबाजी होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल UPS में बदलाव या इसे किसी दूसरी योजना से बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

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