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    8th Pay commission: अब 3 नहीं, 5 सदस्यों के आधार पर बढ़ेगी सैलरी; इस फॉर्मूले से कैसे आएगा बंपर उछाल? पूरा कैलकुलेशन

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 02:11 PM (IST)

    8th Pay Commission Dehradun Meeting: आठवां वेतन आयोग 24 अप्रैल को देहरादून में पहली बैठक करेगा। नेशनल काउंसिल (JCM) ने 51 पेज का मेमोरेंडम जारी किया ह ...और पढ़ें

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    8th Pay commission: अब 3 नहीं, 5 सदस्यों के आधार पर बढ़ेगी सैलरी; इस फॉर्मूले से कैसे आएगा बंपर उछाल? पूरा कैलकुलेशन

    नई दिल्ली| आठवां वेतन आयोग 24 अप्रैल को देहरादून में पहली बैठक करने जा रहा है। इसमें फिटमेंट फैक्टर, मिनिमम सैलरी, HRA और फैमिली यूनिट जैसे तमाम मुद्दों पर बात हो सकती है। क्योंकि, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि नेशनल काउंसिल (JCM) ने 13 अप्रैल को 51 पेज को मेमोरेंडम जारी किया है। जिसमें कर्मचारियों के कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।

    JCM ने सरकार के सामने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी की पूरी परिभाषा बदल सकता है। इस प्रस्ताव में सबसे अहम बदलाव 'फैमिली यूनिट' को लेकर है।

    अब 3 नहीं, 5 सदस्यों का होगा परिवार

    दशकों से वेतन आयोग (8th pay commission) यह मानकर चलता था कि एक कर्मचारी के परिवार में 3 यूनिट होते हैं। लेकिन अब जेसीएम (NC-JCM) ने इसे बढ़ाकर 5 यूनिट करने की मांग की है। तर्क यह है कि आज के दौर में एक कर्मचारी पर पत्नी और दो बच्चों के साथ-साथ बूढ़े माता-पिता की जिम्मेदारी भी होती है।

    नया गणित कुछ इस तरह है:

    • कर्मचारी: 1 यूनिट
    • जीवनसाथी: 1 यूनिट
    • दो बच्चे: 0.8 + 0.8 यूनिट
    • माता-पिता: 0.8 + 0.8 यूनिट
    • कुल: 5.2 यूनिट (इसे राउंड फिगर में 5 यूनिट माना गया है)

    सैलरी का पूरा कैलकुलेशन: ₹69000 कैसे पहुंचेगा आंकड़ा?

    अभी तक न्यूनतम वेतन तय करने के लिए पुराने मानकों का पालन होता था। लेकिन 8वें वेतन आयोग के लिए संगठनों ने 'साइंटिफिक लिविंग वेज फॉर्मूला' अपनाने की बात कही है। नेशनल काउंसतिल (JCM) के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने इसका पूरा कैलकुलेशन भी समझाया।

    • डाइट और कैलोरी: पहले 2700 कैलोरी के आधार पर खर्च जुड़ता था, जिसे बढ़ाकर अब 3490 कैलोरी करने का प्रस्ताव है। इसमें दूध, फल, प्रोटीन और सब्जियों की बढ़ी हुई कीमतों को शामिल किया गया है।
    • अन्य खर्चे: रोटी-कपड़ा-मकान के अलावा अब बच्चों की पढ़ाई, बेहतर इलाज और 'डिजिटल जरूरतों' (इंटरनेट/मोबाइल) को भी जरूरी खर्चों में जोड़ा गया है।
    • फिटमेंट फैक्टर: 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। इस बार इसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग है।

    अगर सरकार इस 5 यूनिट वाले फॉर्मूले और 3.83 के फिटमेंट फैक्टर को मान लेती है, तो वर्तमान की ₹18000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹69000 (minimum basic pay 69000) हो जाएगी।

    यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: DA बढ़ा, लेकिन मर्ज कब होगा? OPS बहाली, रिटायरमेंट एज से मिनिमम सैलरी तक, JCM ने क्या मांगें रखीं

    JCM की मांगों में और क्या-क्या शामिल?

    सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, JCM ने सरकार से कई और मांगें भी की हैं।

    • सालाना इंक्रीमेंट: हर साल होने वाली वेतन बढ़ोतरी को 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए।
    • पे-गैप: सबसे निचले और सबसे ऊंचे स्तर के अधिकारी की सैलरी में अंतर 1:12 से ज्यादा न हो।
    • पेंशनर्स को लाभ: यह नया फॉर्मूला न केवल वर्किंग कर्मचारियों बल्कि 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनभोगियों पर भी लागू करने की मांग है।

    अब आगे क्या हो सकता है?

    सरकार ने आठवें वेतन आयोग के पोर्टल और MyGov प्लेटफॉर्म पर सुझाव मांगे हैं। कर्मचारी 30 अप्रैल 2026 तक अपनी राय दे सकते हैं। संगठनों का मानना है कि सैलरी बढ़ने से कर्मचारियों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को ही फायदा होगा।

    अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह इस '5 सदस्य वाले फॉर्मूले' पर क्या फैसला लेती है।