8th Pay Commission पर दो घंटे चली मीटिंग खत्म: फिटमेंट फैक्टर, सैलरी से अलाउंस तक, किन मुद्दों पर बनी सहमति?
8th Pay Commission News Update: आठवें वेतन आयोग पर 25 फरवरी को नेशनल काउंसिल-जेसीएम की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक हुई, जो करीब दो घंटे तक चली। जानें इस ...और पढ़ें

8th Pay Commission पर दो घंटे चली मीटिंग खत्म: फिटमेंट फैक्टर, सैलरी से अलाउंस तक, किन मुद्दों पर बनी सहमति?

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नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग को लेकर बुधवार, 25 फरवरी को नेशनल काउंसिल-जेसीएम (स्टाफ साइड) की ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक (8th Pay Commission JCM meeting) हुई। जिसमें स्टाफ साइड के नेता शामिल हुए और सरकार को सौंपे जाने वाले मेमोरेंडम को अंतिम रूप देने पर चर्चा की गई।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
रेलवे कर्मचारियों की सबसे बड़ी यूनियन AIRF के जनरल सेक्रेटरी और स्टाफ साइड के नेता शिव गोपाल मिश्रा ( Shiv Gopal Mishra 8th Pay Commission) ने जागरण बिजनेस को बताया कि बैठक में कई अहम मुद्दों पर विस्तार से मंथन हुआ। उन्होंने बताया कि,
मीटिंग में खासतौर पर फिटमेंट फैक्टर (8th Pay Commission fitment factor) कितना होना चाहिए, न्यूनतम वेतन क्या तय किया जाए, यूनिट की संख्या कितनी हो, कौन-कौन से अलाउंस शामिल किए जाएं और नया वेतन पैटर्न कैसा हो इन सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग से जुड़े 18 प्रमुख सवालों पर भी विचार-विमर्श किया गया।"
हालांकि उन्होंने साफ किया कि करीब 2 घंटे तक चली मीटिंग में में चर्चा अभी पूरी नहीं हुई है। 10 मार्च के बाद होने वाली अगली बैठक में इन मुद्दों पर फिर से बात होगी और उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
डॉ. पटेल ने उठाया ये खास मुद्दा
वहीं, ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जेसीएम (जॉइंट कंसलटेटिव मशीनरी) केंद्र सरकार के कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत का मजबूत प्लेटफॉर्म है, लेकिन 1961 से अब तक इसमें केंद्रीय ऑटोनॉमस विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि देश में आठ केंद्र शासित प्रदेश हैं और लगभग हर मंत्रालय में ऑटोनॉमस संस्थाएं हैं, जहां लाखों कर्मचारी काम करते हैं। इन पर केंद्र सरकार के नियम लागू होते हैं, लेकिन कई बार नियमों को लागू करने में देरी या लापरवाही होती है, जिससे कर्मचारियों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
डॉ. पटेल ने मांग की कि जेसीएम में इन कर्मचारियों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।
यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: 3.25 फिटमेंट फैक्टर, 7% इंक्रीमेंट और OPS बहाली, मीटिंग में उठेंगी ये मांगें; ये रही पूरी लिस्ट
अब आगे क्या हो सकता है?
बैठक पूरी होने के बाद संयुक्त ज्ञापन तैयार होने की उम्मीद है, जिसे औपचारिक रूप से आठवें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। यह देखना बाकी है कि इनमें से कितनी मांगें आयोग के समक्ष स्वीकार्य होती हैं, लेकिन आज की बैठक अगले दशक के लिए केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और भत्तों की संरचना को आकार देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
फिलहाल कर्मचारी संघ अपनी प्रमुख मांगों 3.25 का फिटमेंट फैक्टर, 7 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट और पुरानी पेंशन स्कीम ( OPS restoration demand 2026) की बहाली को 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के केंद्र में बनाए रखने के लिए पूरी तरह संकल्पित दिख रहे हैं।
बता दें कि आठवें वेतन आयोग का इंतजार देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख से ज्यादा पेंशनर्स और उनके परिवार कर रहे हैं।





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