कुमार मंगलम बिड़ला ₹17200 करोड़ में इस बड़ी कंपनी का करेंगे अधिग्रहण, अंबानी-अदाणी को इस सेक्टर में देंगे कड़ी टक्कर!
आदित्य बिड़ला ग्रुप की ABREN ने शेल ओवरसीज़ से स्प्रिंग एनर्जी को ₹17,200 करोड़ में खरीदने का समझौता किया है। यह अधिग्रहण ABREN की रिन्यूएबल एनर्जी क् ...और पढ़ें

बिड़ला ग्रुप का बड़ा दांव: ₹17200 करोड़ में स्प्रिंग एनर्जी का अधिग्रहण, ग्रीन एनर्जी में बढ़ेगी धाक
HighLights
ABREN ने ₹17,200 करोड़ में स्प्रिंग एनर्जी का अधिग्रहण किया।
अधिग्रहण से ABREN की क्षमता 9.3 GWp तक पहुंचेगी।
देश का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म बनेगा।
नई दिल्ली। आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ की यूनिट, आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड (ABREN) ने शेल ओवरसीज़ इन्वेस्टमेंट B.V. से स्प्रिंग एनर्जी (Sprng Energy) को लगभग 1.8 अरब डॉलर (करीब ₹17,200 करोड़) में खरीदने का समझौता किया है। यह डील देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म में से एक बनाने का रास्ता साफ करेगी।
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने सोमवार को कहा कि इस अधिग्रहण से ABREN की कुल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़कर लगभग 9.3 गीगावाट-पीक (GWp) हो जाएगी। इसमें लगभग 3.3 GWp के चालू प्रोजेक्ट और 1.7 GWp के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट शामिल हैं। इस डील के तहत, शेल ओवरसीज को दी जाने वाली इक्विटी की रकम कर्ज, कैश और अन्य चीजों के एडजस्टमेंट के बाद तय की जाएगी।
बयान के अनुसार, इस अधिग्रहण के लिए ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ और ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स (जिसे ब्लैकरॉक चलाता है) द्वारा मैनेज किए जाने वाले फंड से डेट और इक्विटी के ज़रिए पैसे जुटाए जाएंगे। इस डील से ABREN के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) रिन्यूएबल एनर्जी बिज़नेस को स्प्रंग एनर्जी के यूटिलिटी-स्केल पोर्टफोलियो के साथ मिलाया जाएगा। ज़रूरी रेगुलेटरी मंज़ूरी और दूसरी औपचारिकताओं के पूरा होने पर, इसके 2026 के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, "ग्रुप ने लंबे समय में वर्ल्ड-क्लास बिज़नेस बनाए हैं और भारत के एनर्जी ट्रांज़िशन को भी उसी नज़रिए से देखता है। यह डील देश के एनर्जी भविष्य को मज़बूत करने और आर्थिक विकास की नींव रखने में मदद करेगी।"
ग्रुप के डायरेक्टर आर्यमान विक्रम बिड़ला ने कहा कि यह अधिग्रहण ABREN के लिए एक अहम पड़ाव है और इससे राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफ़ॉर्म बनाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
ABREN के बिज़नेस हेड जयंत दुआ ने कहा कि दोनों कंपनियों के एक साथ आने से ऑपरेशनल क्षमता बेहतर होगी और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन और एसेट मैनेजमेंट में तालमेल से प्रोजेक्ट पूरा करने की रफ़्तार बढ़ेगी। कंपनी ने बताया कि इस संयुक्त इकाई के पास अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो और मज़बूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन होगी, जिसका लक्ष्य आने वाले सालों में 20 गीगावाट-पीक से ज़्यादा क्षमता हासिल करना है।