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    Blinkit, Zepto का डार्क स्टोर क्या है, कैसे खोल सकते हैं आप? ₹15 लाख लगाकर हर महीने होगी बंपर कमाई!

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 01:43 PM (IST)

    Quick Commerce Dark Store: डार्क स्टोर क्विक-कॉमर्स कंपनियों जैसे Blinkit और Zepto की तेज डिलीवरी का आधार हैं, जो 10-12 मिनट में ऑर्डर पहुंचाते हैं। इ ...और पढ़ें

    क्विक कॉमर्स डार्क स्टोर की पूरी कहानी!

    क्विक कॉमर्स डार्क स्टोर की पूरी कहानी!

    HighLights

    1. डार्क स्टोर क्विक-कॉमर्स की 10-12 मिनट डिलीवरी का आधार।

    2. शुरुआती निवेश डिलीवर पर आधारित होता है।

    3. मासिक ग्रॉस कमाई ऑर्डर वॉल्यूम पर निर्भर।

    नई दिल्ली: भारत में Blinkit, Zepto और अन्य क्विक -कॉमर्स की तेज रफ्तार डिलीवरी के पीछे असली ताकत उनके "डार्क स्टोर" (Dark Store) हैं। ये ऐसे मिनी-वेयरहाउस होते हैं जहां से 10-12 मिनट में ऑर्डर डिलीवरी किए जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि इन डार्क स्टोर्स को खोलने में आखिर कितना पैसा लगता है और इतना पैसा लगाने के बाद कमाई कितनी होती है?

    डार्क स्टोर खोलना कितना महंगा सौदा?

    Blinkit, Zepto जैसे क्वीक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (Quick Commerce) के लिए डार्क स्टोर खोलना सस्ता काम नहीं है। छोटे स्तर पर यह बिजनेस ₹15 -₹20 लाख से शुरू हो सकता है, जहां बेसिक वेयरहाउस, रैक, टेक्नोलॉजी और सीमित इन्वेट्री के साथ काम शुरू किया जाता है।

    वहीं मिड-लेवल सेटअप में यह लागत बढ़कर ₹20-₹40 लाख तक पहुंच सकती है, खासकर मेट्रो शहरों में जहां किराया और ऑपरेशन खर्च ज्यादा है। Blinkit जैसे मॉडल आमतौर पर ₹15 -₹35 लाख का निवेश जरूरी माना जाता है, जो लोकेशन और स्टोर के साइज पर निर्भर करता है।

    वहीं अगर कोई बड़े स्केल पर या फ्रेंचाइजी मॉडल में डार्क स्टोर खोलता है, तो निवेश सीधे ₹40-80 लाख तक पहुंच सकता है। कुछ मामलों में ब्रांडिंग, स्टोरेज सिस्टम और भारी इन्वेंट्री जोड़ने पर यह खर्च ₹80 लाख से ₹1 करोड़ तक भी चला जाता है।

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    कितने पैसे छापेंगे आप?

    दरअसल, डार्क स्टोर का रेवेन्यू पूरी तरह ऑर्डर वॉल्यूम और लोकेशन पर निर्भर करता है। इंडस्ट्री अनुमान के मुताबिक एक स्टोर रोजाना 800–1500 ऑर्डर तक प्रोसेस करता है। हर ऑर्डर पर औसतन ₹20–40 का मार्जिन मिलता है, यानी महीने की ग्रॉस कमाई करीब ₹5–15 लाख तक पहुंच सकती है।

    हालांकि इसमें से किराया, स्टाफ सैलरी, बिजली, लॉजिस्टिक्स और वेस्टेज जैसे खर्च निकालने के बाद नेट प्रॉफिट काफी कम बचता है। कई मामलों में शुरुआती महीनों में मुनाफा 5–10% के बीच ही रहता है, जबकि कुछ स्टोर्स ब्रेक-ईवन तक पहुंचने में 6–12 महीने तक का समय लेते हैं।

    यही वजह है कि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि एक डार्क स्टोर को टिकाऊ बनाने के लिए हर महीने ₹30–40 लाख का बिजनेस (GMV) जरूरी होता है। अगर ऑर्डर वॉल्यूम कम हुआ या लोकेशन सही नहीं रही, तो नुकसान का खतरा भी उतना ही बड़ा हो जाता है।

    अन्य खर्च कहां-कहां लगता है?

    * 2000–3000 स्क्वायर फीट का वेयरहाउस और उसका किराया
    * रैक, कोल्ड स्टोरेज और पैकिंग सिस्टम
    * शुरुआती इन्वेंट्री (₹3–7 लाख तक)
    * स्टाफ सैलरी और ट्रेनिंग
    * लाइसेंस और टेक्नोलॉजी सेटअप
    यानी यह पूरी तरह “बैकएंड बिजनेस” है, जहां ग्राहक नहीं आते सिर्फ ऑर्डर प्रोसेस होते हैं।


    कैसे लेते हैं स्टोर?

    सबसे अहम बात यह है कि डार्क स्टोर सीधे खरीद नहीं सकते, बल्कि कंपनियों के साथ पार्टनर बनना पड़ता है। Blinkit और Zepto दोनों ही “फ्रेंचाइजी/पार्टनर मॉडल” पर काम करते हैं, जिसमें व्यक्ति अपना पैसा लगाकर स्टोर सेटअप करता है और कंपनी टेक्नोलॉजी, ऐप और ऑर्डर देती है।

    कमाई का मॉडल भी आसान नहीं

    क्विक कॉमर्स कंपनियां ब्रांड्स से 30-40% तक कमीशन भी लेती हैं, जिसमें डिलीवरी, वेयरहाउस और ऐप प्रमोशन शामिल होता है। यानी जहां एक तरफ बिजनेस में हाई डिमांड है, वहीं दूसरी तरफ मार्जिन पर दबाव भी काफी ज्यादा है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी और इंडस्ट्री के मौजूदा अनुमानों के आधार पर लिखी गई है। Blinkit, Zepto या किसी भी अन्य क्विक-कॉमर्स कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने या डार्क स्टोर में निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।