समुद्र का सीना चीरकर बना रास्ता! किसने बनाई भारत की पहली 'अंडरसी टनल'? इस शहर में है मौजूद
मुंबई में भारत की पहली अंडरसी टनल बनकर तैयार है, जो प्रियदर्शिनी पार्क को गिरगांव चौपाटी से जोड़ती है। इस परियोजना से मुंबई में कनेक्टिविटी बेहतर होगी ...और पढ़ें

भारत के इस शहर में है देश की पहली अंडरसी टनल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। आजादी के बाद से भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है। ये परियोजनाएं सिर्फ सीमेंट-कंक्रीट की नहीं हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था, रोजगार और आम लोगों की जिंदगी से सीधे जुड़ी हैं। गोल्डन क्वाड्रिलेटरल ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ा। अब दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कटरा जैसे एक्सप्रेसवे दूरी और समय दोनों घटा रहे हैं।
स्मार्ट सिटी मिशन, मेट्रो रेल, अटल टनल और चिनाब ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट कठिन भूगोल को मात दे रहे हैं। दूसरी ओर भारत नेट, यूपीआई और विशाल डेटा सेंटर नेटवर्क ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत को ग्लोबल लीडर बना दिया है। इसी कड़ी में एक और इंफ्रास्ट्रक्चर है अंडरसी टनल (Undersea Tunnels), यानी समुद्र के अंदर बनी सुरंग। कहां है, किसने और कितने में बनाई, आइए बताते हैं।
ये है भारत की पहली अंडरसी टनल
भारत की पहली समुद्र के नीचे बनी जुड़वां सुरंगें 2 साल पहले शुरू हो चुकी हैं। इनका उद्घाटन मार्च 2024 के दूसरे सप्ताह में हुआ था, जो कि मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के 10.58 किलोमीटर लंबे हिस्से का पार्ट है। 2.07 km लंबी ये जुड़वां अंडरसी टनल प्रियदर्शिनी पार्क को गिरगांव चौपाटी से जोड़ती हैं।
किसने बनाईं ये टनल?
इन टनल का निर्माण बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के लिए लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा किया गया था। इस परियोजना में जटिल इंजीनियरिंग शामिल थी, जिसमें टनल बोरिंग मशीन (TBM) की सप्लाई चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन हेवी इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड (CRCHIL) द्वारा की गई थी।
कितनी है इन टनल की गहराई?
ये जुड़वा यानी दो टनल समुद्र तल से 17-20 मीटर नीचे हैं। इनकी सटीक लोकेशन मालाबार हिल के पास अरब सागर के नीचे है। इस प्रोजेक्ट में दो सुरंगें हैं, जिनमें से प्रत्येक का डायमीटर 12.19 मीटर है और इनमें यातायात के लिए तीन लेन हैं। हर टनल में 3.2 मीटर चौड़ा एक वाइड चैनल है।
हजारों मुंबईवासियों के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और रोजाना के सफर को आसान बनाने के लिए तैयार, यह डेवलपमेंट भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रयासों में एक अहम कदम माना जाता है। इस टनल का कुछ हिस्सा जमीन के नीचे और कुछ समुद्र के अंदर है।
बनाने में कितने हुए खर्च?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन टनल को बनाने में 2,798.44 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं जिस पूरे प्रोजेक्ट का यह हिस्सा है, यानी कि मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट, उसकी कुल लागत 13,983 करोड़ रुपये है।
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