अगले वित्त वर्ष में खर्च पूरा करने के लिए सरकार 17.2 लाख करोड़ रुपये का उधार कहां से लेगी? सचिव ने बता दिया
आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने बताया कि अगले वित्त वर्ष में प्रस्तावित 17.2 लाख करोड़ रुपये का सरकारी उधार बाजार को बाधित नहीं करेगा। उन्होंने ...और पढ़ें

अगले वित्त वर्ष में खर्च पूरा करने के लिए सरकार 17.2 लाख करोड़ रुपये का उधार कहां से लेगी? सचिव ने बता दिया
PTI, नई दिल्ली। आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा है कि अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित 17.2 लाख करोड़ रुपये का लोन बाजार को बाधित किये बिना जुटाया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निजी क्षेत्र के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध हो।
सचिव अनुराधा ठाकुर ने न्यूज एजेंसी PTI भाषा को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि सरकारी ऋण कार्यक्रम में 5.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज भुगतान भी शामिल है। इस प्रकार, कुल लोन 11.73 लाख करोड़ रुपये होगा। यानी यह पहले की तरह ही लगभग समान है।
कहां से आएगा 17.2 लाख करोड़ रुपये का लोन?
जब उनसे पूछा गया कि क्या रिकॉर्ड 17.2 लाख करोड़ रुपये का लोन निजी निवेश को प्रभावित कर सकता है, उन्होंने कहा, ‘‘हमें लगता है कि यह एक उचित आंकड़ा है। कुल मिलाकर, यह एक बड़ी राशि है, लेकिन यह भी सही है कि बड़ी संख्या में बॉन्ड भी परिपक्व हो रहे हैं।"
ठाकुर ने भरोसा दिलाया कि यह कर्ज प्रबंधन योग्य है और यह आंकड़ा सावधानीपूर्वक गणना और विश्लेषण के बाद तय किया गया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 14.61 लाख करोड़ रुपये के सकल उधारी का अनुमान लगाया है, जबकि बजट अनुमान 14.82 लाख करोड़ रुपये था। सरकार अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए बाजार से प्रतिभूतियों के माध्यम से उधार लेती है।
वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) से संबंधित बजट घोषणा के बारे में, उन्होंने कहा कि इस बजट में उद्योग की लंबे समय से जारी मांग को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि वे मांग कर रहे थे कि क्या एलएलपी (सीमित जवाबदेही भागीदारी) अधिनियम में संशोधन किया जा सकता है और इसे एआईएफ की कार्यात्मक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सकता है।
संशोधन का उद्देश्य एआईएफ की परिचालन बाधाओं को दूर करना है। आर्थिक मामलों की सचिव ने कहा कि भागीदारों के प्रवेश और निकास के लिए दस्तावेज दाखिल करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा और ये संशोधन इस प्रकार के होंगे कि एलएलपी बनने पर उनकी जवाबदेही सीमित हो जाएगी।
बढ़ाया जाएगा विदेशी मुद्रा का प्रवाह
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए पोर्टफोलियो निवेश योजना (Portfolio Investment Scheme) के माध्यम से भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों (पीआरओआई) को इक्विटी शेयर में निवेश करने की अनुमति देने का बजट प्रस्ताव एक और महत्वपूर्ण घोषणा है।
ठाकुर ने कहा कि पीआरओआई को पोर्टफोलियो निवेश योजना के माध्यम से सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी शेयर में निवेश करने की अनुमति दी जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपने बजट भाषण (Union Budget 2026) में कहा, "इस योजना के तहत एक व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए निवेश सीमा को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव है। इससे सभी व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए कुल निवेश सीमा वर्तमान 10 प्रतिशत से बढ़कर 24 प्रतिशत हो जाएगी।"



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