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    50 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन चावल की अतिरिक्त बिक्री करेगी सरकार, महंगाई को कंट्रोल करना लक्ष्य

    By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
    Updated: Wed, 09 Aug 2023 05:04 PM (IST)

    आज सरकार कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए केंद्रीय कोटा से 50 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन चावल ओपन बाजार में बेचने की योजना बना रही है। खाद्य मंत्री संजीव चोपड़ा ने कहा कि कुछ महीने पहले घोषित ओएमएसएस के तहत 150 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन चावल की बिक्री के अतिरिक्त है। पढ़िए पूरी खबर।

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    50 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन चावल की अतिरिक्त बिक्री करेगी सरकार

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: केंद्र सरकार ने आज महंगाई को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आज कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए केंद्रीय कोटे से अतिरिक्त 50 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन चावल खुले बाजार में बेचेगी।

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    खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने मीडिया से कहा कि

    हाल ही में गेहूं और चावल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है...सरकार ने ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) के तहत 50 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन गेहूं उतारने का फैसला किया है।

    ओएमएसएस के तहत पिछले महीने इतने बिक्री की हुई थी घोषणा

    खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि यह कुछ महीने पहले घोषित ओएमएसएस के तहत 15 लाख टन गेहूं और 5 लाख टन चावल की बिक्री के अलावा है। उन्होंने कहा कि ओएमएसएस के तहत ई-नीलामी के जरिए अब तक लगभग 7 लाख टन गेहूं बेचा जा चुका है, जबकि चावल की बिक्री नगण्य रही है।

    बारिश का पड़ा फसलों पर असर

    हम सबको यह पता है कि बारिश का फैसलों से सीधा संबंध है, अगर वक्त पर अच्छी मात्रा में जरूरत इतनी बारिश हुई तो फसल ज्यादा अच्छी होगी अगर ऐसा नहीं होता है तो फसल बिगड़ जाती है।

    आईएमडी के मौसम विज्ञानी एन.के कुमार के अनुसार वैसे, 12 जुलाई तक पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश औसत से 19 फीसदी कम थी। वहीं, देश के दक्षिणी राज्यों में 23 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई।

    मंहगाई से जनता परेशान

    आपको बता दें कि कल आरबीआई की एमपीसी समिति के फैसला आने वाला है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी कर महंगाई पर नियंत्रण लगा सकता है तो वहीं कुछ का मानना है कि इस बार भी आरबीआई रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं करेगा।

    देश में टमाटर सहित अन्य सब्जियों के दामों में तेजी देखने को मिल रही है। सरकार का कहना है कि भारी बारिश के कारण टमाटर के सप्लाई पर प्रभाव हुआ है जो एक बार सप्लाई सुचारु होने पर दोबारा टमाटर की कीमतों में दोबारा नर्मी देखने को मिल सकती है। आपको बता दें कि टमाटर की कीमतें देश में कई जगहों पर 200 रुपये प्रतिकिलो के पार पहुंच चुकी है।