सरकारी बैंककर्मियों की पेंशन रिवीजन की मांग पर बड़ा अपडेट, 8वें वेतन आयोग के बीच सरकार ने दिया ये जवाब
8वें वेतन आयोग के बीच, सरकार ने बैंककर्मियों की पेंशन रिवीजन की मांग पर संसद में अपडेट दिया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि मौजूदा नियमो ...और पढ़ें
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बैंक कर्मचारियों की फाइल फोटो
नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में संशोधन पर चल रहे विचार-विमर्श के बीच सरकार ने बैंककर्मियों की पेंशन रिवीजन (Pension Revision) की मांग पर बड़ा अपडेट दिया है। संसद में वित्त राज्य मंत्री ने इस मुद्दे पर आधिकारिक जवाब दिया। दरअसल, सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने सरकार से सवाल किया था कि क्या सरकारी बैंकों के रिटायर कर्मचारियों की मूल पेंशन में संशोधन या वृद्धि करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है, जिनकी मूल पेंशन में कथित तौर पर लगभग 30 सालों से कोई संशोधन नहीं हुआ है?
इसके अलावा, सरकार से यह सवाल भी पूछा गया कि क्या सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मूल पेंशन में संशोधन की लंबे समय से की जा रही मांग के संबंध में भारतीय बैंक संघ और कर्मचारी संघों के साथ चर्चा शुरू करने का प्रस्ताव करती है? इन दोनों का सवालों का वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जवाब दिया है...
सरकार ने पेंशन रिवीजन पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक और ग्यारह राष्ट्रीयकृत बैंक शामिल हैं। एसबीआई में पेंशन का संचालन भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी पेंशन निधि विनियम, 2014 द्वारा किया जाता है, जिसे उनके केंद्रीय बोर्ड की स्वीकृति से बनाया गया है, और राष्ट्रीयकृत बैंकों में, इसका संचालन उनके बैंक (कर्मचारी) पेंशन विनियम, 1995 द्वारा किया जाता है, जिसे संबंधित बैंकों के बोर्ड की स्वीकृति से बनाया गया है। इन विनियमों में पेंशन संशोधन का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, सरकारी बैंक के पेंशनभोगियों को पेंशन पर महंगाई राहत दी जाती है और इसमें समय-समय पर, यानी छमाही आधार पर वृद्धि की जाती है।
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इसके साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि सरकारी बैंकों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मूल पेंशन में संबंधित पेंशन विनियमों के मौजूदा प्रावधानों से आगे संशोधन करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
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