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    होश उड़ा देगा DATA का ये नया आंकड़ा! भारतीय हर महीने फूंक रहे हैं 31GB डेटा, 5G की रफ्तार से बदला देश!

    By Jagran BusinessEdited By: Ankit Kumar Katiyar
    Updated: Tue, 31 Mar 2026 10:29 PM (IST)

    India Mobile Data Usage 2025: नोकिया की 'मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक' रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट उपयोग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 2025 तक हर ...और पढ़ें

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    भारत में डेटा खपत ने तोड़े रिकॉर्ड, हर महीने 31GB डेटा फूंक रहे भारतीय

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    नई दिल्ली। भारत में इंटरनेट के इस्तेमाल ने अब सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। साल 2025 में हर भारतीय मोबाइल यूजर औसतन हर महीने 31 GB से ज्यादा डेटा खर्च (India Mobile Data Usage 2025) कर रहा है। पिछले साल यानी 2024 में यह आंकड़ा 27.5 GB था। टेलीकॉम दिग्गज नोकिया की ताजा 'मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक' (MBiT) रिपोर्ट के 13वें संस्करण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

    5G का जबरदस्त बोलबाला

    देश में इंटरनेट की इस भूख को शांत करने में 5G नेटवर्क (5G Data Consumption India) की सबसे बड़ी भूमिका है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी अब 47 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।

    पिछले एक साल में 5G डेटा के इस्तेमाल में 70 प्रतिशत का भारी उछाल देखा गया है, जो अब बढ़कर 12.9 एक्साबाइट (EB) प्रति माह हो गया है। आपको बता दें कि एक एक्साबाइट का मतलब 1 अरब GB से भी ज्यादा होता है।

    दुनिया में बजा भारत का डंका

    भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G यूजर बेस वाला देश बन गया है। सिर्फ मोबाइल ही नहीं, बल्कि केबल के बिना तेज इंटरनेट देने वाली 'फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस' (FWA) तकनीक के मामले में भी भारत विश्व में दूसरे नंबर पर है।

    कुल 5G डेटा खपत में एफडब्ल्यूए (Fixed Wireless Access FWA India) की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत पार कर चुकी है और इसके यूजर्स की संख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हो गई है।

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    डेटा की खपत बढ़ने की मुख्य वजहें

    पिछले पांच वर्षों में डेटा खपत में हर साल औसतन 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:

    • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐप्स का बढ़ता क्रेज।
    • 4K हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग और ओटीटी का बढ़ता चलन।
    • क्लाउड गेमिंग जैसी भारी डेटा वाली सेवाओं की मांग।

    महानगरों में 5G का जादू

    देश के बड़े शहरों यानी महानगरों में तो 5G का ही राज है। वहां कुल मोबाइल डेटा खपत में 5G की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत तक पहुंच गई है। आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल देश में एक्टिव 4G डिवाइसेज की संख्या 89.2 करोड़ रही, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इनमें से 38.3 करोड़ डिवाइस पहले से ही 5G चलाने में सक्षम हैं।

    अनुमान है कि 2031 तक भारत में 5G यूजर्स की संख्या 1 अरब के पार निकल जाएगी। साल 2025 में भारत का कुल डेटा उपयोग 27 एक्साबाइट प्रति माह की लक्ष्मण रेखा को पार कर गया है।