किस राज्य के लोगों ने छतों पर सबसे ज्यादा लगाया सोलर, बचाया हजारों रुपये का बिजली बिल, यहां मिली 1185 करोड़ सब्सिडी
भारत में सौर ऊर्जा का क्रेज बढ़ रहा है, लोग महंगे बिजली बिलों से छुटकारा पाने के लिए छतों पर 'रूफटॉप सोलर' लगा रहे हैं। गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ...और पढ़ें

छतों पर सोलर लगाने में देश में कौन से राज्य हैं सबसे आगे?

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भाषा, नई दिल्ली। भारत में सौर ऊर्जा (Solar Energy) को लेकर लोगों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। महंगे बिजली बिलों से छुटकारा पाने के लिए लोग तेजी से अपने घरों की छतों पर 'रूफटॉप सोलर' (Rooftop Solar) लगा रहे हैं। इसका सीधा फायदा आम जनता की जेब पर दिख रहा है। न केवल उनका बिजली का बिल शून्य (Zero) हो रहा है, बल्कि सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये की सब्सिडी भी सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रही है।
आइए आंकड़ों के जरिए समझते हैं कि रूफटॉप सोलर लगाने के मामले में कौन सा राज्य आगे है और इस योजना का कितना फायदा लोगों को मिल रहा है।
छतों पर सोलर लगाने में देश में कौन से राज्य हैं सबसे आगे?
- पहला स्थान (गुजरात): 6,882 मेगावाट क्षमता के साथ गुजरात पूरे देश में नंबर वन पर है।
- दूसरा स्थान (महाराष्ट्र): 5,442 मेगावाट क्षमता के साथ महाराष्ट्र दूसरे पायदान पर है।
- तीसरा स्थान (राजस्थान): कुल 2090 मेगावाट क्षमता के साथ राजस्थान इस सूची में तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाए हुए है।
राजस्थान में कितने उपभोक्ताओं का बिजली बिल हुआ जीरो?
राजस्थान के ऊर्जा विभाग के अनुसार, राज्य में सौर ऊर्जा का क्रेज इस कदर है कि हर दिन औसतन 675 से 700 नए उपभोक्ता इस प्रणाली को अपना रहे हैं। राज्य में अब तक घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक श्रेणियों को मिलाकर कुल 2,45,317 'रूफटॉप' सौर ऊर्जा प्रणालियां लगाई जा चुकी हैं। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इनमें से 1,43,965 उपभोक्ताओं का बिजली उपभोग बिल पूरी तरह से शून्य हो गया है।
इसके अलावा, राज्य में लगभग 32 हजार ऐसे उपभोक्ता भी हैं, जिन्होंने 10 किलोवाट या इससे अधिक क्षमता के बड़े रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए हैं।
कितनी तेजी से बढ़ रहा है सोलर पैनल लगाने का क्रेज?
आंकड़े बताते हैं कि इस योजना में लोगों की दिलचस्पी लगातार दोगुनी हो रही है। 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' की शुरुआत फरवरी 2024 में हुई थी। पहले छह महीनों में मात्र 7,694 उपभोक्ताओं ने सोलर लगाए थे, लेकिन इसके बाद हर छह महीने में यह संख्या ढ़ाई गुना तक बढ़ी। पिछले महीने (मार्च) में ही कुल 20,343 रूफटॉप सोलर लगाए गए, जो किसी भी एक महीने का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं, 23 मार्च को एक ही दिन में रिकॉर्ड 910 सौर ऊर्जा प्रणालियां लगाई गईं।
इस वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में ही 58,153 उपभोक्ता सोलर लगवा चुके हैं और उम्मीद है कि पहले छह महीनों में यह आंकड़ा एक लाख को पार कर जाएगा।
'पीएम सूर्यघर योजना' के तहत कैसे मिल रही है 1185 करोड़ की सब्सिडी?
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' के तहत मिलने वाली भारी सब्सिडी है। अब तक इस योजना के तहत राजस्थान में 686 मेगावाट क्षमता के 1,77,468 रूफटॉप सिस्टम लगाए जा चुके हैं। संयंत्र लगाने के करीब एक से डेढ़ महीने के भीतर ही 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में आ जाती है। अब तक केंद्र सरकार द्वारा 1,52,350 उपभोक्ताओं के बैंक खातों में कुल 1,185 करोड़ रुपये की सब्सिडी ट्रांसफर की जा चुकी है। इसका मतलब है कि इस योजना के करीब 85 प्रतिशत लाभार्थियों को उनका पैसा मिल चुका है।
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