इतिहास में पहली बार WhatsApp CEO बना ये गुजराती, 8512 करोड़ रुपये की भरी-भरकम डील भी मिली
मेटा ने भारतीय फिनटेक स्टार्टअप क्रेड में करीब 8,550 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस डील के तहत स्टार्टअप के फाउंडर कुणाल शाह व्हाट्सएप के ग्लोबल सीई ...और पढ़ें

क्रेड के संस्थापक कुणाल शाह को व्हाट्सएप का ग्लोबल सीईओ बनाया गया।
HighLights
मेटा ने भारतीय फिनटेक स्टार्टअप में 8,550 करोड़ रुपये का निवेश किया।
संस्थापक कुणाल शाह को व्हाट्सएप का ग्लोबल सीईओ बनाया गया।
विल कैथकार्ट अब मेटा में नए प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर ध्यान देंगे।
नई दिल्ली।फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा, भारतीय फिनटेक स्टार्टअप में लगभग 900 मिलियन डॉलर (करीब 8,550 करोड़ रुपये) का निवेश कर रही है। दोनों कंपनियों ने 22 जून को इसकी घोषणा की। इस निवेश के तहत, स्टार्टअप के फाउंडर कुणाल शाह, मेटा के मालिकाना हक वाले मैसेजिंग ऐप 'व्हाट्सएप' (WhatsApp CEO) के ग्लोबल CEO का पद संभालेंगे। वहीं, स्टार्टअप की कमान अब कंपनी के मौजूदा 'माइनस वन' (सीईओ के ठीक नीचे का पद) मिटेन संपत संभालेंगे।
अभी तक आपने ये तो सुना ही होगा की गूगल से लेकर माइक्रोसॉफ्ट के CEO भारतीय मूल के हैं। लेकिन यह पहली बार है जब मेटा ने किसी भारतीय को जो गुजराती परिवार से ताल्लुक रखता है, उसे WhatsApp का CEO बनाया है।
स्टार्टअप के फाउंडर कुणाल शाह (kunal shah) एक गुजराती परिवार से हैं, हालांकि उनका जन्म और पालन-पोषण मुख्य रूप से मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था।
मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग ने खुद किया एलान
मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि WhatsApp के प्रमुख विल कैथकार्ट सात साल तक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को लीड करने के बाद अपना पद छोड़ देंगे।
जकरबर्ग ने कहा, "विल मेटा के सबसे अहम और असरदार लीडर्स में से एक रहे हैं। उन्होंने WhatsApp को 3 अरब से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और हमारी कम्युनिटी की प्राइवेसी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।"
उन्होंने आगे बताया कि कैथकार्ट मेटा में ही एक नई भूमिका संभालेंगे, जिसमें उनका फ़ोकस नए सिरे से प्रोडक्ट्स बनाने पर होगा।
2018 में हुई थी स्टार्टअप की स्थापना
यह डील स्टार्टअप के लिए बहुत अहम है। 2018 में शुरू हुई यह कंपनी क्रेडिट कार्ड पेमेंट प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर अब पेमेंट, लेंडिंग, मर्चेंट सॉल्यूशन और कंज्यूमर फाइनेंशियल प्रोडक्ट जैसे कई फाइनेंशियल सर्विस वाले इकोसिस्टम में बदल गई है।
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कंपनी को हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिला है, जिससे देश के डिजिटल पेमेंट मार्केट में उसकी स्थिति और मजबूत हुई है।
इस बदलाव के तहत, उम्मीद है कि स्टार्टअप की कमान मिटेन संपत संभालेंगे, जो अभी कंपनी के सबसे सीनियर अधिकारियों में से एक हैं। शाह के मेटा में ग्लोबल ऑपरेटिंग रोल में जाने के बाद, इस कदम से फिनटेक स्टार्टअप में कामकाज की निरंतरता बनी रहेगी।
स्टार्टअप दूसरा ऐसा स्टार्टअप है जिससे शाह बाहर निकल रहे हैं। उन्होंने 2015 और 2018 के बीच भारत के डिजिटल पेमेंट और मोबाइल रिचार्ज प्लेटफॉर्म 'Freecharge' को भी बनाया और बेचा था।
पिछले कुछ सालों में, Kunal Shah भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बहुत अहम हस्ती बन गए हैं। स्टार्टअप बनाने के अलावा, उन्होंने शुरुआती दौर के सैकड़ों स्टार्टअप और उनके फाउंडर्स में निवेश किया है और देश के सबसे एक्टिव एंजेल इन्वेस्टर्स में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। अब, उनकी नजर ग्लोबल स्तर पर काम करने की है।