ईरान युद्ध ने बिगाड़ा बजट; LPG, दूध-दाल और खाने के तेल सहित अबतक इन चीजों की कितनी बढ़ गईं कीमतें
मध्य पूर्व (Iran war impact) में जारी तनाव से भारत (India inflation) का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पेट्रोल, डीजल, दूध, खाने के तेल और कुछ दाल ...और पढ़ें

लंबे समय के फ्रीज के बाद मई 2026 के मध्य से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज उछाल आया है। (AI फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। सुबह की चाय से लेकर रात के डिनर तक, मिडिल ईस्ट टेंशन अब घरेलू बजट को सीधे प्रभावित कर रहा है। तीन महीने से ज्यादा समय से चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 90-126 डॉलर तक पहुंच गई हैं। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और हर जरूरी वस्तु महंगी हो रही है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी बढ़ीं

दूध के बढ़े दाम
डेयरी उत्पादों पर भी असर साफ दिख रहा है। अमूल ने अपने विभिन्न पैकेटों पर ₹1 से ₹3 तक की बढ़ोतरी की है।

खाने के तेलों में तो और तेज उछाल दर्ज किया गया है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के आंकड़ों के अनुसार मई 2025 की तुलना में मई 2026 में कितनी बढ़ी कीमतें नीचे जानकारी दी जा रही है।
दालें कितनी महंगी हुईं?
दालों में राहत और दबाव दोनों दिख रहे हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार यहां हम जानकारी दे रहे हैं।

ईंधन, आयातित सामग्री और लंबी सप्लाई चेन वाली वस्तुएं सबसे पहले प्रभावित हुई हैं, जबकि स्थानीय उत्पाद को कुछ हद तक बचा पा रहे हैं। रुपए का लगातार कमजोर होना आयातित सामान पर अतिरिक्त बोझ बना रहा है।
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