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    सरकार ने ONGC-OIL की गैस महंगी की, कीमत बढ़कर हुई 675 रुपए; CNG-PNG और फर्टिलाइजर होगा महंगा?

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 08:46 PM (IST)

    ONGC Gas Price Hike: सरकार ने ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के पुराने गैस क्षेत्रों से निकलने वाली गैस की कीमत $6.75 से बढ़ाकर $7 प्रति MMBTU कर दी है। यह बढ़ ...और पढ़ें

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    सरकार ने ONGC-OIL की गैस महंगी की, कीमत बढ़कर हुई 675 रुपए; CNG-PNG और फर्टिलाइजर होगा महंगा?

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    नई दिल्ली| सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ओएनजीसी (ONGC) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Limited) के पुराने गैस क्षेत्रों से निकलने वाली गैस की कीमत बढ़ाकर 7 डॉलर (करीब 675 रुपए) प्रति MMBTU कर दी है। पहले यह कीमत 6.75 डॉलर प्रति यूनिट थी। इस फैसले का असर सीधे तौर पर CNG, उर्वरक और पाइप्ड किचन गैस (PNG) पर पड़ सकता है।

    APM गैस पर लागू होगी बढ़ोतरी

    सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, यह बढ़ोतरी APM (एडमिनिस्टर्ड प्राइस मैकेनिज्म) गैस पर लागू होगी, जो पुराने और विरासत वाले गैस क्षेत्रों से निकलती है। देश के कुल घरेलू गैस उत्पादन में APM गैस की हिस्सेदारी करीब 60% है और इसका उत्पादन लगभग 9.2 करोड़ स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन है।

    यह कीमत संशोधन 2023 में लागू नई गैस प्राइसिंग पॉलिसी के तहत किया गया है। इस नीति के मुताबिक, गैस की कीमत भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट के मासिक औसत का 10% तय की जाती है और हर महीने अपडेट होती है। हालांकि APM गैस के लिए एक ऊपरी सीमा तय रहती है।

    हर साल 0.25 डॉलर बढ़ोतरी का प्रावधान

    अब तक ONGC और OIL के पुराने ब्लॉक्स की गैस कीमत 4 से 6.5 डॉलर प्रति MMBTU के दायरे में थी, जिसे दो साल तक स्थिर रखा गया था। इसके बाद हर साल 0.25 डॉलर की बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया। पहले 2025-26 के लिए अधिकतम सीमा 6.75 डॉलर तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 7 डॉलर कर दिया गया है।

    पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के मुताबिक, अप्रैल के लिए घरेलू प्राकृतिक गैस की कीमत 10.76 डॉलर प्रति MMBTU तय हुई है, लेकिन APM गैस इस ऊपरी सीमा के तहत ही बेची जाएगी।

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    किस-किस पर पड़ेगा असर?

    इस फैसले का असर कई सेक्टर्स पर दिख सकता है। प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल उर्वरक बनाने, बिजली उत्पादन, CNG वाहनों और घरों में PNG सप्लाई के लिए होता है। ऐसे में कीमत बढ़ने से इन सेवाओं की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है।

    यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर की गई है जब वेस्ट एशिया में तनाव के चलते ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल है। कच्चे तेल की कीमतें एक महीने में करीब 50% बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं।

    सरकार ने पहले ही ONGC और OIL को नए कुओं से निकलने वाली गैस पर APM कीमत से 20% तक प्रीमियम लेने की छूट दी हुई है। वहीं, गहरे समुद्र और कठिन क्षेत्रों से निकलने वाली गैस के लिए कंपनियों को कीमत तय करने की ज्यादा आजादी है।

    हालांकि अप्रैल-सितंबर 2026 के लिए इन कठिन क्षेत्रों की गैस की नई कीमत सीमा अभी घोषित नहीं की गई है।

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