PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त से पहले कृषि मंत्री का बड़ा बयान, कहा- भारत ने फलों, सब्जियों और फूलों में...!
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त (PM Kisan Yojana) से पहले बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत को फल, सब्जी ...और पढ़ें
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PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त से पहले कृषि मंत्री का बड़ा बयान, कहा- भारत ने फलों, सब्जियों और फूलों में...!
नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसान इस समय पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त (PM Kisan Yojana 22nd installment) का इंतजार कर रहे हैं। जल्द ही उनका यह इंतजार खत्म होने वाला है। उससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री ने आत्मनिर्भरता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत ने फलों, सब्जियों और फूलों में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य रखा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि भारत ने फलों, सब्जियों और फूलों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। चौहान ने कहा कि इन क्षेत्रों में आयात अब आवश्यक नहीं होगा।
बेंगलुरु में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)- भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर) में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि सरकार का ध्यान उच्च मांग वाली फसलों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने पर है कि उनका घरेलू उत्पादन किसानों के लिए लाभकारी हो।
PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त से पहले क्या बोले कृषि मंत्री?
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से पहले सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "हमारा लक्ष्य सरल है। हम फलों, फूलों और सब्जियों का आयात नहीं करेंगे। हमें इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनना होगा।"
ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण के केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति कर चुका है।
मंत्री ने वर्तमान उत्पादन स्तर को ऐतिहासिक बताया। पहले आयात पर निर्भर फसलों का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा, "हम एवोकाडो का आयात करते थे, अब हमने उनका उत्पादन शुरू कर दिया है।"
उन्होंने कहा कि इसी दृष्टिकोण को अन्य उभरती फसलों तक फैलाना आवश्यक है।
'ड्रैगन फ्रूट में भी आत्मनिर्भर बनना होगा'
चौहान ने कहा, "हमें ड्रैगन फ्रूट में भी आत्मनिर्भर बनना होगा।" मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह उन फलों की पहचान करें जिनका घरेलू उत्पादन जरूरी है और किसानों में उनकी खेती को बढ़ावा दें।
उन्होंने कहा, "मैंने अधिकारियों को कहा है कि वे उन फलों की पहचान करें जिन्हें भारत में उगाना आवश्यक है। हम किसानों को उनकी खेती के लिए प्रोत्साहित करेंगे।"
चौहान ने यह भी कहा कि लाभप्रदता ही इस पहल का मुख्य आधार होगी। किसान केवल तभी उत्पादन करेंगे जब यह लाभकारी होगा। सब्जियों के मामले में उन्होंने कहा कि भारत को आयात की कोई बाध्यता नहीं है। सब्जियों के लिए आयात की आवश्यकता नहीं है।
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