कर्ज लेने में भारतीय नंबर वन! खेती, होम लोन से गोल्ड लोन तक, हर तरफ बढ़ी उधारी; हैरान कर देंगे RBI के आंकड़े
भारतीयों में कर्ज लेने की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, गैर-खाद्य ऋण में साल-दर-साल 14.3% की वृद्धि दर्ज की गई है। उद्योगों, से ...और पढ़ें
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कर्ज लेने में भारतीय अव्वल! खेती, होम लोन से गोल्ड लोन तक, हर तरफ बढ़ी उधारी; हैरान कर देंगे RBI के आंकड़े

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| भारतीयों के बीच कर्ज लेने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा जारी आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि आम आदमी से लेकर बड़े उद्योगों तक, हर कोई अपनी जरूरतों और विस्तार के लिए बैंकों का रुख कर रहा है।
फरवरी के दूसरे पखवाड़े के आंकड़ों पर नजर डालें, तो गैर-खाद्य ऋण (Non-food Credit) में साल-दर-साल 14.3 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 11.1 प्रतिशत पर था।
कहां कितना बढ़ा कर्ज?
RBI ने देश के 41 चुनिंदा कमर्शियल बैंकों से डेटा जुटाया है, जिनकी कुल कर्ज बाजार में करीब 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर: उद्योगों को दिए जाने वाले कर्ज में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली है। पिछले साल जहां यह वृद्धि महज 7.5 प्रतिशत थी, इस बार यह बढ़कर 13.5 प्रतिशत हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा योगदान इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, केमिकल, पेट्रोलियम और टेक्सटाइल जैसे सेक्टरों का रहा।
- सर्विस सेक्टर: इस क्षेत्र में कर्ज की ग्रोथ 16.3 प्रतिशत रही। इसका मुख्य कारण नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) और कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर की बढ़ती डिमांड है।
- खेती-किसानी: कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए दिए गए लोन में भी 12.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले साल के 11.4 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है।
पर्सनल लोन का बढ़ा क्रेज
सबसे दिलचस्प आंकड़े पर्सनल लोन कैटेगरी से आए हैं। लोगों ने अपनी निजी जरूरतों, शौक और लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने के लिए जमकर उधारी ली है। पर्सनल लोन सेगमेंट में 15.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाउसिंग लोन में जहां स्थिरता बनी हुई है, वहीं व्हीकल लोन (गाड़ियों के लिए कर्ज) और गोल्ड लोन (सोने के बदले कर्ज) की मांग में जबरदस्त तेजी देखी गई है।
RBI के ये आंकड़े दर्शाते हैं कि अर्थव्यवस्था के लगभग हर सेक्टर में पैसे का प्रवाह बढ़ा है। चाहे वह अपना घर बनाने की चाहत हो, नई कार खरीदना हो या उद्योगों का विस्तार, लोग अब निवेश और खर्च के लिए कर्ज लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
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