RBI Repo Rate: आम आदमी को मिलेगी राहत, क्या अगले महीने घटेगी आपकी Home Loan EMI?
RBI Repo Rate: अगले महीने आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में बदलाव होने की संभावना कम है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेपो रेट 5.25 ...और पढ़ें

RBI Repo Rate: अगले महीने से कई बड़े बदलाव आने वाले हैं। इसके साथ ही अगले महीने देश की केंद्रीय बैंक, आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) की मौद्रिक समिति (RBI MPC Meeting) की बैठक है। इस बैठक के दौरान आरबीआई वित्तीय संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसले लेती है। इसके साथ ही ये भी फैसला लिया जाता है कि रेपो रेट में कोई बदलाव करना है या नहीं।
आपको बता दें कि रेपो रेट का सीधा असर आपके लोन की ईएमआई (Home Loan EMI) पर पड़ता है। खासकर तब अगर आपने लोन फ्लोटिंग रेट पर लिया हो। मसलन अगर रेपो रेट कम हुआ तो फ्लोटिंग रेट भी कम होगा और आपको कम ब्याज के साथ ईएमआई भरना होगा। इसके साथ ही अगर वृद्धि हुई तो ठीक इसका विपरीत होता है।
अब जानते हैं कि क्या अगले महीने आरबीआई रेपो रेट में कटौती कर सकता है या नहीं?
क्या कम होगी Home Loan EMI?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार आरबीआई अगले महीने होने वाली बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा। अगले महीने भी रेपो रेट 5.25% रह सकता है। रियूटर्स में तो यह भी कहा जा रहा है कि अगले साल के मिड तक रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।
पिछले साल कब-कब कितना घटाया?
| तारीख | रेपो रेट | बदलाव |
| 7 फरवरी | 6.25% | -0.25% |
| 9 अप्रैल | 6.00% | -0.25% |
| 6 जून | 5.50% | -0.50% |
| अगस्त | 5.50% | कोई बदलाव नहीं |
| 1 अक्टूबर | 5.50% | कोई बदलाव नहीं |
| 5 दिसंबर | 5.25% | -0.25% |
फरवरी में सामान्य रहा रेपो रेट
इस साल अब तक आरबीआई की बैठक एक बार ही आयोजित हुई है। फरवरी में हुई बैठक के दौरान आरबीआई ने यह तय किया कि वे रेपो रेट में इस बार कोई बदलाव नहीं करेंगे। रेपो रेट इस समय 5.25 फीसदी चल रहा है। दिसंबर से अब तक रेपो रेट सामान्य रहा। इसके साथ ही आगे भी रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश कम लग रही है।

Repo Rate का EMI पर असर
अगर आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है, तो बैंक कम ब्याज पर लोन ले सकते हैं। इसी तरह आम आदमी को भी कम ब्याज पर लोन मिल जाता है।
ऐसी ही अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी आती है, तो बैंकों को लोन लेना महंगा पड़ेगा। इससे आप पर होने वाला ईएमआई का बोझ बढ़ेगा। अगर किसी व्यक्ति ने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया है तो ऐसे व्यक्ति का ईएमआई रेपो रेट पर निर्भर होता है। अगर आपने फिक्स्ड ब्याज दर पर लोन लिया है तो इस पर रेपो रेट का कम प्रभाव पड़ता है।
क्योंकि यह बैंकों पर भी निर्भर करता है कि रेपो रेट में कटौती के बाद वे फिक्स्ड ब्याज दर कम करना चाहती है या नहीं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।