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    मुकेश अंबानी ने लगाया बिजनेसमैन वाला दिमाग, छोटे भाई के साथ हुए विवाद से लिया सबक; बोले - 'कंपनी का फ्यूचर सुरक्षित हाथों में'

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 07:39 AM (IST)

    रिलायंस एजीएम में मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि उनके बच्चों आकाश, ईशा और अनंत को दैनिक कामकाज की जिम्मेदारी सौंपने का काम लगभग पूरा हो गया है। यह भारत क ...और पढ़ें

    'कंपनी का भविष्य सुरक्षित हाथों में' (AI जनरेटेड फोटो)

    'कंपनी का भविष्य सुरक्षित हाथों में' (AI जनरेटेड फोटो)

    HighLights

    1. मुकेश अंबानी के बच्चों को मिली दैनिक कामकाज की जिम्मेदारी

    2. आकाश, ईशा, अनंत संभालेंगे रिलायंस के प्रमुख व्यवसाय

    3. 500 युवा लीडर्स भी तैयार, रिलायंस का भविष्य सुरक्षित

    नई दिल्ली। हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आम बैठक (Reliance AGM) हुई। एजीएम में रिलायंस ने कई बड़े एलान किया। साथ ही मुकेश अंबानी ने कहा कि उनके ऑयल-टू-टेलीकॉम और रिटेल ग्रुप, रिलायंस इंडस्टरीज में डेली के कामकाज की जिम्मेदारियाँ उनके बच्चों को सौंपने का काम "लगभग पूरा" हो चुका है। यह भारत की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी में उत्तराधिकार की उस प्रोसेस का आखिरी फेज है, जिस पर सबकी नजरें टिकी रही हैं।
    अंबानी ने कहा कि आकाश, ईशा और अनंत अब ग्रुप के अहम कारोबारों की कमान संभाल रहे हैं और वे ही ग्रुप की ग्रोथ के अगले फेज को आगे बढ़ाएंगे। इसमें टेलीकॉम, रिटेल, डिजिटल सर्विसेज और न्यू एनर्जी सेक्टर में बड़े कदम शामिल हैं।

    'कंपनी का फ्यूचर सुरक्षित हाथों में'

    अंबानी ने अपने तीनों बच्चों की तारीफ करने के साथ ही शेयरहोल्डर्स से कहा कि "आपकी कंपनी का भविष्य न सिर्फ सुरक्षित हाथों में है, बल्कि ऐसे हाथों में है जो रिलायंस को और भी ऊँचाइयों तक ले जाएँगे।" पिछले साल की तरह ही, आकाश और ईशा ने टेलीकॉम और रिटेल सेगमेंट के लिए नए बिजनेस प्लान पेश किए। वहीं अनंत ने एनर्जी सेगमेंट के लिए बिजनेस अपडेट दिया।

    भाई के साथ रहा विवाद

    रिलायंस में उत्तराधिकार का मुद्दा लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। 1977 में 20 साल की उम्र में कंपनी के बोर्ड में शामिल होने वाले मुकेश अंबानी ने 2002 में संस्थापक धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद इस बड़े ग्रुप की कमान संभाली थी।
    हालांकि, ग्रुप के कंट्रोल को लेकर अपने छोटे भाई के साथ उनका लंबा विवाद चला, क्योंकि उनके पिता ने कोई वसीयत नहीं छोड़ी थी। माना जाता है कि मुकेश अंबानी ने सही समय पर बच्चों को कमान सौंपने और इंटरनली बिजनेस को डिवाइड करने की प्रोसेस शुरू की, जो अब लगभग पूरी हो गई है।

    किसके पास क्या जिम्मेदारी?

    अंबानी ने बताया कि ईशा, आकाश और अनंत ने अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में तीन अहम साल पूरे कर लिए हैं। ईशा कंज्यूमर बिजनेस को संभालती हैं। आकाश टेक्नोलॉजी बिजनेस को संभालते हैं। अनंत एनर्जी बिजनेस को संभालते हैं। उनके मुताबिक "अलग-अलग बिजनेस वर्टिकल को संभालने के साथ-साथ, वे रिलायंस इकोसिस्टम के तहत आने वाली हर चीज के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए भी काम कर रहे हैं।"
    अंबानी के अनुसार "वे तीन शरीर हैं, लेकिन एक आत्मा। उनकी आत्मा रिलायंस है। एक अखंड रिलायंस, अब और हमेशा के लिए।"

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    कैसा है आगे का प्लान?

    एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति ने कहा कि भले ही वह खुद लीडरशिप संभाल रहे हैं, लेकिन रिलायंस के भविष्य के लिए 30-40 की उम्र के लगभग 500 युवा लीडर्स को तैयार किया गया है। ये युवा अपने-अपने बिजनेस में टेक्नोलॉजी की अच्छी समझ, गहरी जानकारी और पहली पीढ़ी वाला जुनून लेकर आए हैं। सीनियर लीडर्स उन्हें गाइड कर रहे हैं ताकि रिलायंस का संस्थागत कल्चर बना रहे और काम का स्तर ऊंचा रहे।

    "बहुत बढ़िया अनंत"

    अंबानी ने तीनों बच्चों के बिजनेस प्लान की सराहना की। सबसे छोटे बेटे द्वारा मेन ऑयल रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और नए एनर्जी बिजनेस का डिटेल प्लान बताने पर उन्होंने "बहुत बढ़िया अनंत" कहा। इस तरह उन्होंने साफ किया कि अगली पीढ़ी और 500 युवा लीडर्स मिलकर रिलायंस के सभी बिजनेस को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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