'मैं लिखता हूं और दो-तीन हफ्तों में नोटबुक खत्म', दुनिया को ChatGPT देने वाले का चौंकाने वाला बयान; कहा- लिखो ताकि...
Sam Altman Note-Taking Method: चैटजीपीटी के निर्माता सैम ऑल्टमैन ने हाथ से नोट्स लिखने के महत्व पर जोर दिया है। उनका कहना है कि वे हर दो-तीन हफ्ते में ...और पढ़ें
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ChatGPT के CEO की सलाह: हर यूजर क्यों भरे नोटबुक? सोच बदल देगा ये मैसेज

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| अगर आप भी रोज चैटजीपीटी (ChatGPT) से सवाल पूछते हैं, कंटेंट लिखवाते हैं या आइडिया लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। दुनिया को दुनिया को चैटजीपीटी देने वाले ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman handwriting notes) खुद आज भी हाथ से नोट्स लिखते हैं और दो-तीन हफ्तों में एक पूरी नोटबुक भर देते हैं।
उनका कहना है एआई (AI era handwriting importance) का इस्तेमाल करें, लेकिन अपनी सोच को कागज पर उतारना मत छोड़िए। अब यह बयान तेजी से वायरल है।
'लिखना आदत नहीं सोचने का सबसे मजबूत नजरिया है'
सैम ऑल्टमैन ने एक पॉडकास्ट में कहा कि,
मैं नोट्स लिखता हूं और दो-तीन हफ्तों में एक नोटबुक खत्म कर देता हूं।"
ऑल्टमैन का मानना है कि लिखना सिर्फ आदत नहीं, बल्कि सोचने का सबसे मजबूत जरिया है। उनके मुताबिक, टेक्नोलॉजी कितनी भी आगे बढ़ जाए, लेकिन इंसान की सोच और उसे शब्दों में ढालने की क्षमता कभी खत्म नहीं होगी।
क्यों दे रहे हैं लिखने पर जोर?
सैम ऑल्टमैन ने साफ कहा कि जैसे आज कोडिंग की नौकरियां कम हो रही हैं, फिर भी लोगों को कोडिंग सीखनी चाहिए। उसी तरह लिखना भी जरूरी स्किल है। उनका संदेश साफ है-
- लिखिए, ताकि सोच साफ हो।
- लिखिए, ताकि आइडिया मजबूत हों।
- लिखिए, ताकि दिमाग ट्रेन्ड हो।
आज जब ज्यादातर लोग मोबाइल नोट्स या एआई टूल्स पर निर्भर होते जा रहे हैं, ऐसे में ऑल्टमैन का नोटबुक खत्म कर देने वाला बयान लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है।
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युवाओं के लिए क्या मैसेज?
उनका कहना है कि लिखना दिमाग को व्यवस्थित करता है। जब आप हाथ से लिखते हैं, तो विचार ज्यादा स्पष्ट होते हैं। यह सिर्फ स्टूडेंट्स या राइटर्स के लिए नहीं, बल्कि हर प्रोफेशन के लोगों के लिए जरूरी है।
एआई के दौर में जहां लोग सोच रहे हैं कि मशीनें सब कर देंगी, वहीं ChatGPT के पीछे खड़े शख्स का यह बयान अलग ही संदेश देता है कि तकनीक का इस्तेमाल करें, लेकिन अपनी सोच और लिखने की ताकत को कमजोर न होने दें।
यही वजह है कि उनका यह छोटा सा बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।









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