सर्च करे
Home

Trending

    loading ads...
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    भारतीय AI, फिनटेक और कंटेंट सेक्टर पर दांव लगाएंगी साउथ कोरियाई कंपनियां, ₹4450 Cr का करेंगी निवेश; TCS से भी मिलाया हाथ

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 03:35 PM (IST)

    दक्षिण कोरियाई दिग्गज नावेर, क्राफ्टन और मिराए एसेट ने भारत के एआई, फिनटेक और कंटेंट क्षेत्रों में निवेश के लिए 700 अरब वॉन का फंड बनाया है। नावेर ने ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    दक्षिण कोरियाई कंपनियां करेंगी भारत में निवेश

    आईएएनएस, नई दिल्ली। दिग्गज दक्षिण कोरियाई कंपनी नावेर ने मंगलवार को कहा कि वह क्राफ्टन और मिराए एसेट ग्रुप जैसी कंपनियों के साथ मिलकर भारत के एआई, फिनटेक और कंटेंट जैसे क्षेत्रों में निवेश करने के लिए 700 अरब वॉन (476.4 मिलियन डॉलर) का फंड बनाया है। नेवर के अनुसार, तीनों कंपनियों ने राष्ट्रीय राजधानी में यूनिकॉर्न ग्रोथ फंड (यूजीएफ) को भारतीय कंपनियों और वेंचर कैपिटल फर्मों से परिचित कराने के लिए एक कार्यक्रम का सह-आयोजन किया, जिसमें दक्षिण कोरियाई उद्योग मंत्री किम जंग-क्वान, नेवर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चोई सू-येओन, क्राफ्टन के सीईओ किम चांग-हान और मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया के उपाध्यक्ष स्वरूप मोहंती ने भाग लिया।

    200 अरब वॉन के निवेश के साथ शुरुआत

    दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, यूजीएफ की स्थापना इस साल की शुरुआत में क्राफ्टन द्वारा 200 अरब वॉन के निवेश के साथ की गई थी, जिसके बाद नेवर और मिराए एसेट ने संयुक्त रूप से 500 अरब वॉन का योगदान दिया।
    इन कंपनियों ने इस फंड को 1 लाख करोड़ वॉन तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। नेवर ने कहा कि इस फंड का उद्देश्य भारत में एआई, फिनटेक और कंटेंट क्षेत्रों में उच्च क्षमता वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश करना है। चोई ने कहा, "अपने बड़े आईटी टैलेंट और डायनामिक स्टार्टअप इकोसिस्टम के बल पर, भारत अपने एआई इंडस्ट्री इकोसिस्टम का विस्तार करते हुए ग्लोबल डिजिटल इनोवेशन के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।"

    टाटा ग्रुप के साथ मिलाया हाथ

    चोई ने आगे कहा, "यूजीएफ उच्च विकास वाली तकनीकी कंपनियों में निवेश करने और तीनों कंपनियों की मुख्य क्षमताओं को मिलाकर तालमेल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में कार्य करेगा।" इंटरनेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने दक्षिण एशियाई देश में व्यावसायिक अवसरों का पता लगाने के लिए भारत के टाटा समूह की आईटी इकाई के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए।
    नेवर के अनुसार, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के साथ यह समझौता नई दिल्ली में फेडरेशन ऑफ कोरियन इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित दक्षिण कोरिया-भारत व्यापार मंच के दौरान हस्ताक्षरित किया गया।

    कौन-कौन रहा कार्यक्रम में उपस्थित?

    इस मंच पर दक्षिण कोरिया के उद्योग मंत्री किम जंग-क्वान, नेवर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चोई सू-येओन, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और टीसीएस के अध्यक्ष उज्ज्वल माथुर उपस्थित थे। समझौते के तहत, नेवर और टीसीएस एआई, क्लाउड और बिजनेस-टू-कंज्यूमर (बी2सी) सेवाओं में अपनी क्षमताओं को मिलाकर एआई और डिजिटल परिवर्तन के अवसरों का लाभ उठाएंगे, जिसमें भारतीय बाजार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    ये भी पढ़ें - ग्रीन जॉब्स और PLI स्कीम ने दिखाई ताकत: UN ने की भारत की तारीफ, देश में पैदा हुईं 13 लाख नई नौकरियां; GDP पर क्या कहा?