जॉब्स की विरासत, कुक का मास्टरस्ट्रोक: $350 अरब की Apple को ऐसे बनाया $4 ट्रिलियन का 'टाइटन'
टिम कुक एक दशक से अधिक समय तक कंपनी की कमान संभालने के बाद सितंबर में Apple के CEO पद से हट जाएंगे। उनकी जगह जॉन टर्नस लेंगे, जबकि कुक कंपनी के साथ एग ...और पढ़ें

इन तरीकों से एप्पल को नई बुलंदी पर पहुंचाया

समय कम है?
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नई दिल्ली। दुनिया की बड़ी टेक दिग्गज कंपनियों में से एक Apple ने अपनी लीडरशिप में एक बड़े बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत टिम कुक (Tim Cook Steps Down) एक दशक से भी ज्यादा समय तक कंपनी की कमान संभालने के बाद सितंबर में CEO के पद से हट जाएंगे। 65 वर्षीय कुक, कंपनी के पुराने और अनुभवी अधिकारी जॉन टर्नस (John Ternus Apple) को यह जिम्मेदारी सौंपेंगे। जॉन टर्नस 1 सितंबर को 4 ट्रिलियन डॉलर वाली इस टेक दिग्गज कंपनी की कमान संभालेंगे।
कुक उस पद से हट रहे हैं, जो उन्हें दिवंगत स्टीव जॉब्स से मिला था। इसके साथ ही, उनका लगभग 15 साल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जो एप्पल के लिए एक ऐसा दौर रहा जिसमें iPhone की बदौलत कंपनी की समृद्धि चरम पर पहुँची और उसकी मार्केट कैपिटल 4.01 लाख करोड़ डॉलर (373.3 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंची।
25 साल पहले एप्पल से जुड़े थे टर्नस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार टर्नस साल 2001 में Apple से जुड़े थे और सालों से इसके प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने में पर्दे के पीछे रहकर चुपचाप लेकिन मजबूती से काम करते रहे हैं। उन्होंने Apple के Mac कंप्यूटर जैसे प्रोडक्ट्स की बिक्री को फिर से बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इन कंप्यूटरों ने PC के मुकाबले मार्केट शेयर बढ़ाया है।
अब क्या होगी कुक की जिम्मेदारी?
कुक टर्नस को जिम्मेदारी सौंप देंगे, जबकि वे कंपनी के साथ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर जुड़े रहेंगे। यह बदलाव Amazon के जेफ बेजेस और Netflix के रीड हेस्टिंग्स द्वारा किए गए बदलावों जैसा ही है, जिन्होंने CEO के तौर पर अपना बेहद सफल कार्यकाल समाप्त करने के बाद इसी तरह का बदलाव किया।
टिम कुक का कैसा रहा सफर?
टिम कुक ने Apple का फोकस सिर्फ इनोवेशन से हटाकर ऑपरेशनल एक्सीलेंस, सर्विस-आधारित रेवेन्यू और इकोसिस्टम के विस्तार पर लगाया और इसे 350 अरब डॉलर की कंपनी से 4 ट्रिलियन डॉलर के विशालकाय टाइटन में बदल दिया।
उन्होंने सप्लाई चेन पर महारत हासिल करके, iPhone के उत्पादन को बढ़ाकर, Apple Watch और AirPods लॉन्च किए, और ज्यादा मुनाफे वाला सर्विस बिजनेस खड़ा करके कंपनी के मुनाफे को अधिकतम स्तर तक पहुँचाया।
इन्वेंट्री, चीन और नई सर्विसेज
एक पूर्व ऑपरेशंस एक्सपर्ट के तौर पर, कुक ने Apple के लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाया। उन्होंने इन्वेंट्री को घटाकर कुछ ही दिनों तक के स्टॉक तक सीमित कर दिया और खास तौर पर चीन में, उच्च-स्तरीय और कुशल उत्पादन सुनिश्चित किया।
कुक ने Apple के इकोसिस्टम का विस्तार हार्डवेयर से आगे तक किया, और Apple Music, Apple TV+ तथा Apple Pay जैसी लोकप्रिय सर्विसेज पेश कीं, जिससे लगातार और हाई-मार्जिन रेकरिंग रेवेन्यू (recurring revenue) मिलने लगा।
Buyback का इस्तेमाल बड़ी सटीकता के साथ
कुक ने शेयर बायबैक का इस्तेमाल बड़ी सटीकता के साथ किया, जिससे शेयरधारकों को फायदा हुआ और Apple की वैल्यूएशन लगातार ऊपर गई।। जैसे-जैसे स्मार्टफोन बाजार परिपक्व होता गया, उन्होंने कंपनी का ध्यान केवल सालाना हार्डवेयर अपग्रेड पर निर्भर रहने के बजाय एक सर्विस-बेस्ड मॉडल की ओर मोड़ा, जिससे रेवेन्यू को स्थिर रखने में मदद मिली।
काम करने का तरीका रहा लचीला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जॉब्स के ऑटोक्रैटिक रवैये की तुलना में, कुक ने एक "लोकतांत्रिक" प्रबंधन शैली अपनाई। उन्होंने ऊंचे पदों पर मौजूद कर्मचारियों को अपने-अपने विभागों का मैनेजमेंट स्वयं करने की छूट दी, जिससे आपसी सहयोग को बढ़ावा मिला।
उनके नेतृत्व में, Apple पहली ऐसी अमेरिकी कंपनी बनी जिसने $1 ट्रिलियन और बाद में $3 ट्रिलियन का आंकड़ा छुआ, जिसकी वैल्यू अब 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।
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