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    'टैरिफ मुद्दा सुलझने तक भारत के साथ...', ट्रंप ने फिर दिखाए तेवर, अब क्या-क्या बोल गए?

    Updated: Fri, 08 Aug 2025 08:48 PM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप से उनके ओवल ऑफिस में गुरुवार को जब यह सवाल किया गया कि चूंकि उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ (Trump Tarrifs) की घोषणा की है तो क्या अब उन्हें व्यापार वार्ता में तेजी की उम्मीद है? इस पर ट्रंप ने कहा नहीं जब तक हम इसे सुलझा नहीं लेते तब तक नहीं।

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    ट्रंप ने टैरिफ के मुद्दे पर अपना रुख और सख्त कर लिया है।

    नई दिल्ली| US-India relations : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ (Trump Tariffs) के मुद्दे पर अपना रुख और सख्त कर लिया है। उन्होंने टैरिफ का मुद्दा सुलझने तक भारत के साथ व्यापार वार्ता की किसी संभावना से इनकार किया है।

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    ट्रंप से उनके ओवल ऑफिस में गुरुवार को जब यह सवाल किया गया कि चूंकि उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की है तो क्या अब उन्हें व्यापार वार्ता में तेजी की उम्मीद है? इस पर ट्रंप (Donald Trump) ने कहा, ''नहीं, जब तक हम इसे सुलझा नहीं लेते, तब तक नहीं।'' 

    पिछले हफ्ते ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो 7 अगस्त से लागू हो गया है। इसके बाद उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किए थे, जिसमें रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया।

    इससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया, जो दुनिया में किसी भी देश पर अमेरिका द्वारा लगाए गए सबसे अधिक टैरिफ में से एक है। अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ 19 दिन बाद यानी 27 अगस्त से लागू होगा।

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने टैरिफ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश को निशाना बनाना अन्यायपूर्ण और अनुचित है। किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

    यह भी पढ़ें- भारत-अमेरिका के लिए 19 दिन अहम, बातचीत से हल नहीं निकला तो... जानें इंडिया के पास हैं क्या-क्या विकल्प?

    भारत-अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति पर प्रमुख भारतीय-अमेरिकी वकील रवि बत्रा ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ के बीच बहुत कुछ दांव पर लगा है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ युद्धविराम स्वीकार नहीं किया, जैसा ट्रंप चाहते थे। 

    भारत को नुकसान पहुंचाना मतलब रूस को नुकसान पहुंचाना

    बत्रा (Ravi Batra X Post) ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ''भारत को नुकसान पहुंचाना रूस को नुकसान पहुंचाना है। लेकिन इससे हमें भी बहुत ज्यादा नुकसान होता है।'' उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका चाहता है कि रूसी राष्ट्रपति यूक्रेन के साथ ''वास्तविक'' युद्धविराम करें जो किसी धोखे से मुक्त हो और फिर राष्ट्रपति शी चिनपिंग व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पुतिन के साथ अमेरिका का सहयोगी बनाएं।

    भारत-पाकिस्तान युद्ध में सीधे तौर पर हुए थे शामिल: रूबियो

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दावा किया है कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ, तो अमेरिका सीधे तौर पर इसमें शामिल हुआ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच शांति स्थापित करवाने में सफल रहे। रूबियो ने अन्य संघर्षों का भी जिक्र किया और कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें सुलझाने में मदद की। 

    10 मई के बाद से ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मदद की और दोनों देशों से कहा कि अगर वे संघर्ष रोक देंगे, तो अमेरिका उनके साथ खूब व्यापार करेगा। हालांकि, भारत ने लगातार कहा है कि दोनों सेनाओं के डीजीएमओ के बीच सीधी बातचीत के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।