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    क्या होते हैं डार्क स्टोर्स, जहां से जेप्टो और ब्लिंकिट जैसे एप्स आपके पास पहुंचाते हैं सामान?

    Updated: Thu, 31 Jul 2025 03:04 PM (IST)

    डार्क स्टोर (Dark Stores) असल में एक ऐसा फिजिकल स्टोर होता है जिसे ऑनलाइन ऑर्डर पूरा करने के लिए तैयार जाता है। यहां से ऑनलाइन खरीदे गए सामान की पैकिंग और डिलीवरी की जाती है। यहां एक ही जगह आपकी जरूरतों का सारा सामान रखा जाता है। जेप्टो ब्लिंकिट बिग बास्केट और अमेजन जैसी कंपनियां डार्क स्टोर्स का इस्तेमाल करती हैं।

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    डार्क स्टोर में आपकी जरूरत का सामान एक जगह स्टोर किया जाता है।

    नई दिल्ली| Dark Stores meaning : आमतौर पर आप सब्जी की दुकान से सब्जी खरीदते हैं। कपड़े की दुकान से कपड़े और फर्नीचर वाले के यहां से फर्नीचर। जिसमें आपका काफी समय बर्बाद हो जाता है। लेकिन अब आपको जरूरत का सामान खरीदने के लिए कहीं बाहर नहीं जाना पड़ता। क्योंकि, देश में 10 मिनट में डिलीवरी करने वाले एप्स का चलन बढ़ गया है, जो आपकी जरूरत का सामान कम समय में डिलीवर कर देते हैं।

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    वो चाहें सब्जी हो, कपड़े, फर्नीचर, मोबाइल फोन या फिर कोई और जरूरत का सामान। बस एक क्लिक और सामान आपके घर पहुंच जाता है, वो भी कम समय में। ऐसे में आपके मन में भी सवाल उठता होगा कि आखिर ये ऐप्स अलग-अलग जरूरतों का सामान एक साथ कैसे डिलीवर कर देते हैं? और वो ये सामान रखते कहा हैं। तो इसका जवाब है- डार्क स्टोर्स (Dark Stores) । अब आप कहेंगे कि आखिर ये डार्क स्टोर होते क्या हैं? तो चलिए हम बताते हैं।

    What is Dark Store : क्या होता है डार्क स्टोर? 

    डार्क स्टोर असल में एक ऐसा फिजिकल स्टोर होता है, जिसे सिर्फ ऑनलाइन ऑर्डर (Online Order) पूरा करने के लिए तैयार जाता है। यहां से ऑनलाइन खरीदे गए सामान की पैकिंग और डिलीवरी की जाती है। यहां एक ही जगह आपकी जरूरतों का सारा सामान रखा जाता है। जेप्टो, ब्लिंकिट, बिग बास्केट और अमेजन जैसी कंपनियों ने, खासकर उन शहरों में जहां उनकी सर्विसेज उपलब्ध है, वहां अलग-अलग इलाकों में कई डार्क स्टोर बना रखे हैं। जहां से वह ऑनलाइन डिलीवरी करते हैं। 

    Benefits of a dark store : क्या हैं डार्क स्टोर के फायदे?

    • ग्राहकों के लिए सुविधा- ऑर्डर तेज़ी से डिलीवर होते हैं, जिससे ग्राहकों का समय बचता है।
    • ऑनलाइन ऑर्डर के लिए डिलीवरी हब- यहां से होम डिलीवरी, कर्बसाइड पिकअप (कार के पास सामान देना) और स्टोर पिकअप की सुविधा दी जाती है।
    • टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल- इन स्टोर्स में ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और रोबोट्स का इस्तेमाल किया जाता है ताकि ऑर्डर जल्दी और सही ढंग से पूरा हो सके।

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    How does a dark store work : कैसे काम करता है डार्क स्टोर?

    • कुछ डार्क स्टोर सामान्य दुकान की तरह होते हैं, बस उनमें ग्राहकों के लिए डिस्प्ले नहीं होता। 
    • वहां काम करने वाले पिकर्स ऑर्डर के हिसाब से सामान इकट्ठा करते हैं।
    • कुछ स्टोर्स पूरी तरह से वेयरहाउस जैसे होते हैं और वहां रोबोट्स या ऑटोमैटिक ट्रॉलीज़ ऑर्डर तैयार करते हैं।
    • कुछ स्टोर्स हाइब्रिड होते हैं। यानी ग्राहक सामान ले भी सकते हैं और चाहें तो वहीं कुछ और चीजें खरीद भी सकते हैं।

    Why increased popularity : क्यों बढ़ रही है डार्क स्टोर्स की लोकप्रियता?

    • महामारी के दौरान लोग दुकानों में नहीं जा सकते थे, तब ऑनलाइन खरीदारी ज़रूरत बन गई।
    • रिटेल कंपनियों को अपना बिजनेस बचाने और ग्राहकों तक पहुंचने के लिए डार्क स्टोर जैसी सुविधाओं की ज़रूरत पड़ी।
    • अब यह मॉडल इसलिए भी चल रहा है क्योंकि यह तेज़, सस्ता और सुविधाजनक है।

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    Impact in India : भारत में क्या असर?

    भारत में ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है। खासकर मेट्रो शहरों और टियर-2 शहरों में डार्क स्टोर का मॉडल ग्रोसरी, दवा और फूड डिलीवरी के लिए पहले से अपनाया जा रहा है। Blinkit, Zepto, BigBasket जैसी कंपनियां पहले से इस फॉर्मेट में काम कर रही हैं। आने वाले समय में यह मॉडल छोटे शहरों में भी पहुंच सकता है। यानी आसान शब्दों में कहें तो डार्क स्टोर अब सिर्फ एक मजबूरी नहीं, बल्कि रिटेल का भविष्य बनते जा रहे हैं। इससे दुकानदारों को नया रास्ता और ग्राहकों को नई सुविधा मिल रही है।

    कहां से आया डॉर्क स्टोर का मॉडल?

    दुनिया का पहला डार्क स्टोर ब्रिटेन में खुला था, जो अब दुनियाभर में फैल रहा है। डार्क स्टोर आमतौर पर शहरों के बाहर या सस्ती जगहों पर बनाए जाते हैं, ताकि किराया कम लगे और बड़ा गोदाम मिल सके। कई डार्क स्टोर में ग्राहक सामान लेने भी आते हैं। और कुछ में वे खुद सामान भी चुन सकते हैं।