क्या होती है क्रिप्टो बर्निंग और किसी टोकन की कीमत के लिए क्यों है ये जरूरी? आसान शब्दों में समझें
ये लेख क्रिप्टोकरेंसी बर्निंग (What is Crypto Burning?) के महत्व को समझाता है। यह प्रक्रिया डिजिटल कॉइन को स्थायी रूप से सिस्टम से हटाकर सप्लाई नियंत् ...और पढ़ें

किसी क्रिप्टो के लिए क्यों जरूरी होती है बर्निंग?
नई दिल्ली। हाल ही में शिबा इनु क्रिप्टोकरेंसी के रेट में एक हफ्ते से भी कम समय में दूसरी बार कोई बर्निंग एक्टिविटी रिकॉर्ड नहीं हुई। इस ट्रेंड को डॉग-थीम वाली क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक चिंताजनक ट्रेंड माना गया। उसी दौरान इसकी कीमत (Shiba Inu Price Today) में 5% से ज्यादा की गिरावट आई है। ऐसी क्रिप्टोकरेंसी, जिसकी सप्लाई बहुत अधिक हो, उसकी कीमत के लिहाज से क्रिप्टो बर्निंग (Crypto Burning) बहुत जरूरी होती है। आइए समझते हैं, इसके बारे में विस्तार से।
क्रिप्टोकरेंसी में बर्न रेट का मतलब
क्रिप्टोकरेंसी वर्ल्ड में बर्न रेट का मतलब होता है किसी डिजिटल कॉइन या टोकन को स्थायी रूप से सिस्टम से हटाने की प्रोसेस। जब किसी क्रिप्टो को “बर्न” किया जाता है, तो उसे ऐसे वॉलेट एड्रेस पर भेज दिया जाता है जिसे कोई भी एक्सेस नहीं कर सकता।
इसका सीधा सा मतलब है कि वह कॉइन हमेशा के लिए सर्कुलेशन से बाहर हो जाता है। बर्न रेट यह बताता है कि एक निश्चित समय में कितने टोकन नष्ट किए गए। यह प्रोसेस अक्सर पहले से तय नियमों, ट्रांजैक्शन फीस या प्रोजेक्ट की रणनीति के तहत की जाती है।
टोकन बर्न करने की जरूरत क्यों पड़ती है?
क्रिप्टो प्रोजेक्ट टोकन बर्न कई कारणों से करते हैं। सबसे बड़ा कारण होता है सप्लाई को कंट्रोल करना। अगर किसी क्रिप्टो की संख्या बहुत ज्यादा हो जाए तो उसकी वैल्यू गिर सकती है। बर्निंग के जरिए डेवलपर्स कुल सप्लाई घटाते हैं, जिससे टोकन की दुर्लभता (scarcity) बढ़ती है।
इसके अलावा, टोकन बर्न निवेशकों का भरोसा बढ़ाने का भी एक तरीका है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि प्रोजेक्ट लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फोकस कर रहा है, न कि सिर्फ ज्यादा टोकन बनाने पर।
बर्न रेट का क्रिप्टो के रेट पर असर
बर्न रेट का सीधा असर क्रिप्टोकरेंसी की कीमत पर पड़ सकता है, लेकिन यह हमेशा गारंटी नहीं होता। जब सप्लाई कम होती है और डिमांड समान या ज्यादा रहती है, तो कीमत बढ़ने की संभावना होती है। यही वजह है कि बर्न इवेंट्स के समय अक्सर मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट देखने को मिलता है।
हालांकि अगर प्रोजेक्ट कमजोर हो या यूज केस साफ न हो, तो सिर्फ टोकन बर्न करने से कीमत में लंबे समय तक बढ़ोतरी नहीं होती। यानी बर्न रेट एक सपोर्टिंग फैक्टर है, अकेला कारण नहीं।
निवेशकों के लिए बर्न रेट क्यों अहम?
निवेशकों के लिए बर्न रेट एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर हो सकता है, लेकिन इसे अकेले देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए। अच्छा बर्न रेट यह दिखाता है कि प्रोजेक्ट सप्लाई मैनेजमेंट को लेकर गंभीर है। फिर भी, टेक्नोलॉजी, टीम, यूज केस और मार्केट डिमांड जैसे फैक्टर ज्यादा अहम होते हैं।
समझदारी इसी में है कि निवेशक बर्न रेट को एक पॉजिटिव सिग्नल मानें, लेकिन पूरी रिसर्च के साथ ही किसी क्रिप्टो में निवेश करें।
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(डिस्क्लेमर: यहां क्रिप्टोकरेंसी की जानकारी दी गयी है, निवेश की राय नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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