सर्च करे
Home

Trending

    loading ads...
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वर्ल्ड बैंक ने माना भारत का लोहा, FY27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया; कहा- दक्षिण एशिया के विकास का मेन इंजन

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 07:18 PM (IST)

    वर्ल्ड बैंक FY27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.3% से बढ़ाकर 6.6% कर (World Bank raised GDP growth forecast for India) दिया है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.6% किया

    नई दिल्ली। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर का अनुमान बढ़ा दिया है। पहले 6.3% रहने का अनुमान था, जिसे अब संशोधित कर 6.6% (World Bank raised GDP growth forecast for India) कर दिया गया है। यह वृद्धि भारत की आर्थिक मजबूती और विकास की संभावनाओं को दर्शाती है, जिससे देश के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मिलते हैं।

    वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को 'साउथ एशिया इकोनॉमिक अपडेट' जारी की। इसी अपडेट में उसने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान बढ़ाया। विश्व बैंक का अनुमान है कि भारत (India GDP Growth Rate) दक्षिण एशिया में विकास का मुख्य इंजन बना रहेगा।

    विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया की ग्रोथ रेट घटाई

    बैंक ने कहा कि दक्षिण एशिया की कुल ग्रोथ 2025 के 7.0% से घटकर 2026 में 6.3% होने (Sout Asia Growth Rate) की संभावना है, जिसका मुख्य कारण मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में आई रुकावटें हैं। हालांकि, 8 अप्रैल को ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध विराम हो गया है।

    विश्व बैंक ने कहा कि 2027 में ग्रोथ के फिर से बढ़कर 6.9% होने की उम्मीद है, जिससे दक्षिण एशिया उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बना रहेगा।

    विश्व बैंक ने इस चीज को लेकर दी चेतावनी

    विश्व बैंक ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य "बेहद अनिश्चित" बना हुआ है, और इसका कारण इस क्षेत्र की आयातित ऊर्जा पर भारी निर्भरता और भू-राजनीतिक प्रभावों के प्रति इसकी संवेदनशीलता है। ऊर्जा बाजारों में और अधिक उथल-पुथल से महंगाई बढ़ सकती है, मौद्रिक नीति और सख्त हो सकती है, और रेमिटेंस (विदेशों से आने वाले पैसे) के प्रवाह में कमी आ सकती है।

    यह भी पढ़ें- मिडिल ईस्ट संकट से बांग्लादेश में गेहूं का संकट! मुसीबत में फिर याद आया भारत, क्या इंडिया बनेगा संकटमोचक?