8000 की छंटनी करने वाले जुकरबर्ग बोले- 'AI से नहीं जाएगी नौकरी', इस दावे की क्या है हकीकत?
मार्क जुकरबर्ग का दावा है कि AI से नौकरी नहीं जाएगी, बल्कि नए अवसर पैदा होंगे, जबकि मेटा ने खुद AI को प्राथमिकता देते हुए 8,000 कर्मचारियों की छंटनी क ...और पढ़ें

जुकरबर्ग का AI पर दावा: नौकरी जाने के डर के बीच मेटा की छंटनी की हकीकत
HighLights
जुकरबर्ग ने AI से नौकरी जाने का डर न होने का दावा किया।
मेटा ने AI प्राथमिकता के बावजूद 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च से निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं।
नई दिल्ली। मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का कहना है कि जो लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Mark Zuckerberg AI) से अपनी नौकरी जाने को लेकर डरे हुए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। हाल ही में उन्होंने दावा किया कि एआई ने बड़े पैमाने पर नौकरियों के नए अवसर पैदा किए हैं। हालांकि, उनका यह बयान सवालों के घेरे में है, क्योंकि खुद उनकी कंपनी ने इस साल एआई को प्राथमिकता देने के लिए 8,000 कर्मचारियों (कुल वर्कफोर्स का 10%) को नौकरी से निकाल (Meta layoffs) दिया।
जुकरबर्ग का दावा: इंफ्रास्ट्रक्चर में मिल रहे हैं नए रोजगार
जुकरबर्ग का तर्क मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर टिका है। उनका कहना है कि एआई के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर और डेटा सेंटर्स की जरूरत है। मेटा वर्तमान में दुनिया भर में 32 डेटा सेंटर बना या चला रहा है और 2027 तक अपनी कंप्यूटिंग क्षमता को चौगुना करने की योजना बना रहा है। इतने बड़े पैमाने पर काम करने के लिए कंस्ट्रक्शन वर्कर, इलेक्ट्रीशियन और कूलिंग इंजीनियरों की आवश्यकता होती है। यह सच है कि एआई से नौकरियां पैदा हो रही हैं, लेकिन ये वो नौकरियां नहीं हैं जिन्हें मेटा ने खत्म किया है।
मेटा के अंदर की कड़वी सच्चाई
मेटा के कर्मचारियों के लिए AI का यह बदलाव किसी बुरे सपने जैसा रहा। 20 मई को सुबह 4 बजे ईमेल के जरिए छंटनी शुरू हुई। इतना ही नहीं, कर्मचारियों में उस प्रोग्राम को लेकर भी भारी गुस्सा था, जिसमें बिना कोई विकल्प दिए एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए कॉर्पोरेट लैपटॉप पर उनके कीस्ट्रोक और स्क्रीन एक्टिविटी को ट्रैक किया जा रहा था। इसके अलावा 7,000 कर्मचारियों को जबरन एआई इनिशिएटिव्स में ट्रांसफर कर दिया गया।
निवेशकों और वॉल स्ट्रीट की चिंताएं
मेटा 2026 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 130 बिलियन से 145 बिलियन डॉलर खर्च करने की राह पर है। इस भारी-भरकम लागत के कारण कंपनी का फ्री कैश फ्लो 91% गिरकर 784 मिलियन डॉलर पर आ गया है, जो 2022 के बाद सबसे कम है। निवेशक अब सवाल कर रहे हैं कि इतने खर्च का फायदा कब मिलेगा। हालांकि, जुकरबर्ग इसे भविष्य का बड़ा दांव बता रहे हैं।