'हमें भी बजट में GST से राहत दो', चीनी उत्पादन 22% बढ़ा तो शुगर इंडस्ट्री ने की सरकार से बड़ी डिमांड
चालू वित्त वर्ष में भारत के चीनी उत्पादन में 22% की वृद्धि दर्ज की गई है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने सरकार से बजट ...और पढ़ें

'हमें भी बजट में GST से राहत दो', चीनी उत्पादन 22% बढ़ा तो शुगर इंडस्ट्री ने की सरकार से बड़ी डिमांड
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष में भारत के चीनी उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। बढ़े उत्पादन को देखते हुए शुगर इंडस्ट्री ने बजट में सरकार से बढ़ी डिमांड कर दी है।
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने सरकार से अपील की है कि वह बजट में ऐसे प्रावधान लाए जिससे चीनी सेक्टर में बढ़ते फाइनेंशियल तनाव को दूर किया जा सके।
चीनी उद्योग की मांग है कि सरकार यूनियन बजट 2026-27 का इस्तेमाल बायोफ्यूल और क्लीन मोबिलिटी के लिए टैक्स को आसान बनाने और पॉलिसी सपोर्ट देने के लिए करे, साथ ही चीनी सेक्टर में बढ़ते फाइनेंशियल तनाव को भी दूर करे।
चीनी उद्योग की क्या है मांगे?
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने बुधवार को केंद्र सरकार से अपील की कि वह GST को पूरी तरह से तर्कसंगत बनाए और बायोफ्यूल और क्लीन मोबिलिटी इकोसिस्टम में उत्सर्जन कम करने, किसानों की आजीविका की रक्षा करने, कच्चे तेल के आयात को कम करने और नेट 0 की ओर भारत की यात्रा को तेज करने के लिए लक्षित नीतिगत सहायता प्रदान करे।
ISMA ने चीनी के मिनिमम सेलिंग प्राइस (MSP) में जल्दी बदलाव की अपनी मांग दोहराई है, यह तर्क देते हुए कि लागत के हिसाब से MSP तय करना फाइनेंशियल हालत सुधारने, किसानों को समय पर गन्ने का पेमेंट सुनिश्चित करने और मार्केट में स्थिरता बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। और इससे सरकार पर कोई एक्स्ट्रा फाइनेंशियल बोझ भी नहीं पड़ेगा।
159.09 लाख टन तक पहुंचा चीनी का उत्पादन
15 जनवरी, 2026 तक, पूरे भारत में चीनी का उत्पादन 159.09 लाख टन तक पहुंच गया है। यह पिछले साल इसी समय के 130.44 लाख टन से लगभग 22% अधिक है।
चालू चीनी मिलों की संख्या भी बढ़कर 518 हो गई है, जबकि एक साल पहले इसी समय यह संख्या 500 थी, जो प्रमुख उत्पादक राज्यों में क्रशिंग में लगातार प्रगति को दिखाता है।
महाराष्ट्र का चीनी उत्पादन में जलवा
महाराष्ट्र सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है, जहां चीनी का उत्पादन 64.50 लाख टन रहा, जो पिछले साल की तुलना में 51% ज्यादा है। यह ज्यादा क्रशिंग रेट और चालू मिलों की संख्या में बढ़ोतरी के कारण हुआ है। उत्तर प्रदेश ने 46.05 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जो पिछले साल से लगभग 8% ज़्यादा है, जबकि कर्नाटक ने इस सीजन में अब तक उत्पादन में 13% की बढ़ोतरी दर्ज की है।
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