Akshaya Tritiya: ज्वैलरी असली है या नकली, आप खुद कैसे चेक कर सकते हैं? एक्सपर्ट ने बताया सोना परखने का सटीक तरीका!
How to Check Gold Purity: अक्षय तृतीया से पहले सोने की शुद्धता जांचना महत्वपूर्ण है। दिल्ली सर्राफा बाजार के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने जागरण बिजनेस से बा ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2026) करीब आते ही सोने की खरीदारी बढ़ने वाली है, लेकिन असली-नकली की पहचान करना जरूरी है। क्योंकि, जब आप अपनी मेहनत की कमाई से सोने की ज्वैलरी खरीदने शोरूम जाते हैं, तो मन में एक ही डर रहता है कि कहीं ज्वैलरी नकली तो नहीं? क्या यह वाकई 24 कैरेट की है या दुकानदार 18 कैरेट को 22 बताकर बेच रहा है?
सोने की शुद्धता को लेकर यह उलझन हर ग्राहक को होती है। आपकी इसी चिंता को दूर करने के लिए दिल्ली सर्राफा बाजार के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने जागरण बिजनेस से खास बातचीत में कुछ ऐसे आसान तरीके साझा किए हैं, जिनसे आप मिनटों में सोने की 'कुंडली' निकाल सकते हैं।
HUID नंबर: सोने का 'आधार कार्ड'
योगेश सिंघल बताते हैं कि सोने की पहचान का सबसे पुख्ता जरिया HUID (Hallmark Unique Identification) नंबर है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा हर ज्वैलरी पर 6 अंकों का एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड (जैसे- T73URL) दर्ज किया जाता है।
इसे चेक करने का तरीका बेहद सरल है:
- BIS Care App या उनकी वेबसाइट पर जाएं।
- ज्वैलरी पर लिखे 6 अंकों के HUID कोड को दर्ज करें।
सर्च करते ही आपके सामने पूरी डिटेल आ जाएगी कि यह ज्वैलरी किस सेंटर पर हॉलमार्क हुई है, उसका वजन क्या है, आर्टिकल का प्रकार (जैसे नेकलेस या चूड़ी) क्या है और उसकी शुद्धता (916 यानी 22 कैरेट) कितनी है।
कैरेटोमीटर से लाइव टेस्टिंग
अगर आपको ऐप या कोड पर भरोसा नहीं है, तो आप तकनीक का सहारा ले सकते हैं। सिंघल के अनुसार, आजकल लगभग सभी बड़े शोरूम में 'कैरेटोमीटर' मशीन उपलब्ध होती है।
आप अपनी पसंद की ज्वैलरी को इस मशीन में रखवाकर मात्र 1 मिनट में उसकी शुद्धता चेक करवा सकते हैं। यह सेवा ज्यादातर ज्वैलर मुफ्त में देते हैं।
सोने के भाव का 'गणित' समझें
अक्सर ग्राहकों को लगता है कि दिल्ली और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रेट में अंतर क्यों है? इस पर योगेश सिंघल बताते हैं कि सोने का बेस रेट अंतरराष्ट्रीय बाजार (कॉमेक्स) से तय होता है, जिसे डॉलर से रुपए में कन्वर्ट किया जाता है। इसमें कस्टम ड्यूटी और 3% GST जुड़ने के बाद भारत का हाजिर भाव निकलता है।
सिंघल ने साफ किया कि अगर आप MCX के भाव में 3% GST जोड़ दें, तो आपको मार्केट वैल्यू का मोटा-मोटा अंदाजा मिल जाएगा। उन्होंने सलाह दी कि खरीदारी करते समय हमेशा पक्का GST बिल जरूर लें, क्योंकि यही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
कैसे बचें ठगी से?
योगेश सिंघल के मुताबिक, आजकल व्यापार बहुत ट्रांसपेरेंट हो गया है। कुछ दुकानदार मेकिंग चार्ज कम करके भाव बढ़ा देते हैं, तो कुछ भाव कम दिखाकर मेकिंग चार्ज में वसूली करते हैं। इसलिए ग्राहक को जागरूक रहने की जरूरत है। 24 कैरेट के भाव को आधार मानकर आप खुद भी 22 या 18 कैरेट की कीमत कैलकुलेट कर सकते हैं।
अंत में सिंघल कहते हैं कि "सोशल मीडिया और तकनीक के दौर में अब ठगी मुश्किल है। बस खरीदारी के वक्त HUID कोड चेक करें, कैरेटोमीटर पर शुद्धता परखें और पक्का बिल मांगें।"
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।