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    जिन बैंकों ने गोल्ड आसमान पर पहुंचाया, अब वही क्यों बेच रहे? सोने की चमक फीकी पड़ने की असली इनसाइड स्टोरी

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 11:47 PM (IST)

    Gold Price Crash: सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण अब केंद्रीय बैंकों द्वारा इसकी बिक्री है। पहले वे सोने के सबसे बड़े खरीदार थे, लेकिन मध्य पू ...और पढ़ें

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    जिन बैंकों ने गोल्ड आसमान पर पहुंचाया, अब वही क्यों बेच रहे? सोने की चमक फीकी पड़ने की असली इनसाइड स्टोरी

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    नई दिल्ली| अगर आप सोच रहे हैं कि सोने की कीमतों में आ रही हालिया गिरावट सिर्फ डॉलर की मजबूती या अमेरिका में ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव का नतीजा है, तो आप गलत हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस समय सोने के साथ कुछ ऐसा हो रहा है जो पिछले कई दशकों में नहीं देखा गया।

    अप्रैल 2026 की ताजी रिपोर्ट्स चौंकाने वाली हैं- गोल्ड मार्केट की वो 'मजबूत दीवार' ढह रही है जिसने इसे सालों तक सहारा दिया था। हम बात कर रहे हैं दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की, जो अब तक सोने के सबसे बड़े खरीदार थे, लेकिन अब वही सबसे बड़े विक्रेता (Sellers) बनकर सामने आए हैं।

    जब खरीदार ही बेचने लगे, तो क्या होगा?

    पिछले कुछ सालों से दुनिया भर के सेंट्रल बैंक हर साल लगभग 1000 टन सोना अपनी तिजोरियों में भर रहे थे। यह भारी-भरकम डिमांड ही थी, जिसने सोने को हर झटके के खिलाफ एक सुरक्षा कवच दिया था। निवेशकों को भरोसा था कि अगर बाजार गिरेगा, तो सेंट्रल बैंक खरीद शुरू कर देंगे और कीमतें संभल जाएंगी।

    लेकिन अब पासा पलट चुका है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों ने एक ऐसा 'डोमिनो इफेक्ट' शुरू किया है, जिसने बड़े-बड़े देशों के सेंट्रल बैंकों को अपना सोना बाजार में उतारने पर मजबूर कर दिया है।

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    *खबर अपडेट हो रही है*