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    Copper Price Crash: 2 महीने में ₹400 सस्ता हुआ कॉपर, अब आई तेजी; खरीदें या नहीं, टारगेट क्या? 6 सवालों में समझें

    Updated: Mon, 30 Mar 2026 06:27 PM (IST)

    Copper Price Hike Today: कॉपर की कीमतें दो महीने में ₹400 से अधिक गिरने के बाद अब तेजी दिखा रही हैं। सोमवार को इसमें 0.60% की वृद्धि हुई, जिससे यह ₹11 ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली| इंडस्ट्रियल गोल्ड यानी कॉपर पिछले दो महीने में 400 रुपए से ज्यादा सस्ता (Copper Price Crash) हो चुका है। 29 जनवरी को इसने 1559.75 रुपए पर पहुंचकर ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड (Copper Price All Time High) बनाया था। हालांकि, उसके बाद से ही इसमें लगातार गिरावट जारी है। लेकिन पिछले दो महीनों में भारी गिरावट के बाद अब तांबे (Copper Price Hike) की कीमतों में फिर से चमक लौटने लगी है।

    सोमवार को तांबे के भाव में 0.60% की तेजी दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत 1158.80 रुपए प्रति किलोग्राम (Copper Price Today) तक पहुंच गई। खबर लिखे जाने तक यह 1157.30 रुपए प्रति किलोग्राम (Copper rate Today) पर ट्रेड कर रहा था। जबकि 1146.30 रुपए इसका लो लेवल रहा। पिछले कारोबारी सत्र के दौरान यह 1150.40 रुपए पर क्लोज हुआ था।

    MCX पर तांबे की कीमतों में क्यों आई तेजी?

    तांबे में आई इस अचानक तेजी की मुख्य वजह बाजार में बढ़ती हाजिर मांग (Copper Spot Demand) है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मई डिलिवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी 6.30 रुपए की बढ़त देखी गई।

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि बड़े कारोबारियों द्वारा खरीदारी का दायरा बढ़ाने यानी 'लॉट' साइज में इजाफा करने से कीमतों को सहारा मिला है। अब सवाल यह है कि आखिर तांबे में यह तेजी कब तक देखने को मिल सकती है, और इसका टारगेट प्राइस क्या होगा?

    इसे लेकर जागरण बिजनेस ने कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता (Anuj Gupta) से खास बातची की, जिसमें उन्होंने 5 सवालों में पूरी तस्वीर साफ कर दी।

    सवाल 1: कॉपर के दाम बढ़ेंगे या फिर गिरने की उम्मीद है?

    जवाबः शॉर्ट टर्म में अभी थोड़ा और प्रेशर दिख सकता है। जब तक युद्ध को लेकर कोई स्पष्ट क्लेरिटी नहीं आती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। फिलहाल डिमांड खत्म होती दिखाई दे रही है, जिसका असर सिर्फ कॉपर ही नहीं बल्कि चांदी पर भी पड़ा है। निवेशकों को अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए। अगर युद्ध खत्म होने की खबरें आती हैं या तनाव कम होता है, तो वह सही समय होगा जब कीमतें तेजी से रिकवर करेंगी।

    सवाल 2: कॉपर का सबसे निचला स्तर और हाई लेवल टारगेट क्या है?

    जवाबः अगर हम नीचे के स्तर (Support) की बात करें, तो 1020 रुपए के आसपास एक बहुत मजबूत सपोर्ट है। हालांकि, 1050 के स्तर पर आते ही अक्सर शार्प रिकवरी देखी जाती है। अधिकतम गिरावट 1020 तक जा सकती है। वहीं, ऊपर की तरफ (Resistance) मेरा मानना है कि यह 1180 से 1200 रुपए की रेंज में जा सकता है। फिलहाल कॉपर की जो ट्रेडिंग रेंज दिख रही है, वह 1020 से 1200 रुपए के बीच रह सकती है।

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    सवाल 3: क्या अभी कॉपर में पैसा लगाने का यह सही समय है? (Copper Price Target 2026)

    जवाबः अगर भाव 1100 रुपए के आसपास मिलता है, तो वह खरीदारी के लिए एक अच्छा लेवल है। इस भाव पर कॉपर 'ओवरसोल्ड' जोन में होता है और यहां इसकी वैल्यू काफी अच्छी लगती है। आप कुछ क्वांटिटी यहां ऐड कर सकते हैं। लेकिन, बड़ी इन्वेस्टमेंट के लिए युद्ध के मोर्चे पर किसी पॉजिटिव फैसले या शांति की शर्तों के मानने का इंतजार करना बेहतर होगा। जैसे ही मार्केट को सपोर्टिव न्यूज मिलेगी, कॉपर में निवेश का बेहतरीन मौका बनेगा।

    सवाल 4: जो निवेशक हाई लेवल पर खरीदकर फंसे हुए हैं, उनके लिए क्या सलाह है?

    जवाबः बहुत से लोगों ने FOMO (छूट जाने का डर) के चक्कर में 1400 के ऊंचे स्तरों पर खरीदारी कर ली थी और अब वे घाटे में हैं। ऐसे निवेशकों को मेरा सुझाव है कि वे पैनिक में आकर अपनी पोजीशन न काटें। बाजार में अचानक आए बदलावों ने परिभाषा बदल दी है। अब आपको 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनानी चाहिए। अगर आप और निवेश करना चाहते हैं, तो सारा पैसा एक साथ न डालें, बल्कि धीरे-धीरे एक्यूमुलेट करें।

    सवाल 5: क्या कॉपर वाकई में 'अगला गोल्ड' बनने की काबिलियत रखता है?

    जवाबः कॉपर को 'इंडस्ट्रियल गोल्ड' कहा जाता है। इसमें कोई शक नहीं कि लॉन्ग टर्म में यह बहुत अट्रैक्टिव है। 29 जनवरी को जब इसने 1550 प्लस का अपना ऑल टाइम हाई छुआ था, तब लोगों को लगा कि यह सोने की तरह ही रिटर्न देगा।

    हालांकि, मौजूदा समय में युद्ध (War) और कमजोर वैश्विक डिमांड की वजह से इसमें गिरावट आई है। लेकिन फंडामेंटल्स बताते हैं कि जैसे ही इकोनॉमी की रफ्तार सुधरेगी, इसकी चमक फिर लौटेगी। यह गोल्ड की तरह सुरक्षित निवेश तो नहीं, लेकिन इंडस्ट्रियल ग्रोथ का सबसे बड़ा खिलाड़ी जरूर है।

    सवाल 6: इंडस्ट्री में कॉपर की कितनी डिमांड है और आने वाले दिनों में यह कितनी बढ़ेगी?

    जवाबः वर्तमान में इंडस्ट्रियल डिमांड भले ही सुस्त दिख रही हो, लेकिन भविष्य कॉपर का ही है। रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इंफ्रास्ट्रक्चर में कॉपर का कोई विकल्प नहीं है।

    अभी युद्ध की वजह से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर थोड़ा धीमा है, लेकिन जैसे ही जियो-पॉलिटिकल तनाव कम होगा, कॉपर की डिमांड में भारी उछाल आएगा। आने वाले 5-10 सालों में कॉपर की खपत मौजूदा स्तर से कहीं ज्यादा होने वाली है।

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