दुबई में फंसा सोना डिस्काउंट पर बिक रहा, युद्ध से सप्लाई बाधित; शॉर्टेज हुई तो भारत में गोल्ड हो सकता है महंगा?
मध्य पूर्व में युद्ध के कारण दुबई में फंसा सोना वैश्विक कीमत से छूट पर बिक रहा है। उड़ानें प्रभावित होने से बुलियन की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे व्या ...और पढ़ें
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दुबई में फंसे सोने पर भारी छूट, युद्ध से आपूर्ति बाधित: क्या भारत में महंगा होगा गोल्ड

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध का असर अब वैश्विक गोल्ड बाजार पर साफ दिखने लगा है। दुबई में फंसा सोना (Dubai Gold) अब वैश्विक कीमत से छूट पर बेचा जा रहा है, क्योंकि उड़ानें प्रभावित होने से बुलियन की सप्लाई बाधित हो गई है और व्यापारी उसे दूसरे देशों तक नहीं भेज पा रहे हैं।
मार्केट सूत्रों के मुताबिक कई ट्रेडर लंदन के ग्लोबल बेंचमार्क से करीब 30 डॉलर प्रति औंस (करीब 1000 रुपए प्रति 10 ग्राम) तक की छूट पर सोना बेचने को तैयार हैं। इसकी वजह यह है कि लगातार स्टोरेज और फंडिंग का खर्च उठाने के बजाय व्यापारी जल्दी से स्टॉक निकालना चाहते हैं।
सोने का बड़ा ट्रेडिंग हब है दुबई
दुबई और संयुक्त अरब अमीरात लंबे समय से एशिया, खासकर भारत के लिए सोने का बड़ा ट्रेडिंग और रिफाइनिंग हब रहा है। लेकिन अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण क्षेत्र में मिसाइल हमलों के चलते हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे बुलियन की आवाजाही प्रभावित हुई है।
कई शिपमेंट अब भी दुबई में फंसे
आमतौर पर सोना यात्री विमानों के कार्गो हिस्से के जरिए भेजा जाता है। उड़ानों पर पाबंदी के कारण अब सोने की खेप को सड़क मार्ग से सऊदी अरब या ओमान जैसे देशों के हवाईअड्डों तक ले जाना भी जोखिम भरा और जटिल माना जा रहा है। इसी वजह से कई शिपमेंट अभी भी दुबई में फंसे हुए हैं।
तो क्या भारत पर भी पड़ेगा असर?
भारत के बड़े गोल्ड डीलर ऑगमेंट इंटरप्राइजेस लिमिटेड (Augmont Enterprises Ltd) की रिसर्च हेड रेनिशा चेनानी के मुताबिक,
कई कार्गो शिपमेंट में देरी होने से भारत में फिजिकल सोने की उपलब्धता पर अल्पकालिक दबाव बन सकता है।”
हालांकि मेटल्स फोकस (Metals Focus) के साउथ एशिया कंसल्टेंट चिराग शेट का कहना है कि फिलहाल भारत में सोने का स्टॉक पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि,
अभी बाजार में पर्याप्त भंडार है, लेकिन अगर यह स्थिति कुछ महीनों तक जारी रही तो सप्लाई की समस्या पैदा हो सकती है।"
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वैश्विक तनाव के बाद आई 20% की तेजी
इस बीच वैश्विक बाजार में इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब 20% तक तेजी आ चुकी है और कीमतें 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बनी हुई हैं। हालांकि मजबूत डॉलर के कारण हाल के दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है।
वहीं भारत की बड़ी कीमती धातु रिफाइनरी MMTC-PAMP के सीईओ समित गुहा के मुताबिक, मिडिल ईस्ट से आने वाले डोरे (अर्ध-परिष्कृत सोने) की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। युद्ध शुरू होने के बाद नए कॉन्ट्रैक्ट के लिए लॉजिस्टिक्स लागत 60 से 70% तक बढ़ गई है।
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