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    Gold-Silver चीन और सट्टेबाजी... 1980 के बाद सबसे बड़े मार्केट क्रैश के पीछे ड्रैगन का हाथ; आगे क्या होने वाला है?

    Updated: Tue, 03 Feb 2026 05:36 PM (IST)

    Gold Silver Price Crash Reason: वैश्विक बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट के बाद तेजी देखी गई। 30 जनवरी को चांदी 26% और सोना 9% गिरा, जो ...और पढ़ें

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    Gold-Silver चीन और सट्टेबाजी...1980 के बाद सबसे बड़े मार्केट क्रैश के पीछे ड्रैगन का हाथ; आगे क्या होने वाला है?

    नई दिल्ली| वैश्विक बाजार में सोने-चांदी की ऐतिहासिक तेजी अचानक भयानक गिरावट में बदल गई। एमसीएक्स और कोमेक्स पर शुक्रवार, 30 जनवरी को चांदी 26% टूट गई, जो अब तक की सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट रही। वहीं सोना 9% लुढ़का, जो एक दशक से ज्यादा समय की सबसे खराब गिरावट मानी जा रही है।

    हालांकि 3 फरवरी को वैश्विक बाजार में सोने-चांदी में उछाल (Gold Silver Price Today) आया। कोमेक्स (Comex) पर सोना 6.11 फीसदी यानी करीब 284 डॉलर प्रति औंस (gold price today) से ज्यादा बढ़ा और कीमत 4936 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करने लगी। वहीं चांदी में 11 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया और कीमत 9 डॉलर से बढ़कर 86 डॉलर प्रति औंस (silver price today) हो गई।

    वहीं MCX पर फरवरी 2026 डिलिवरी वाला गोल्ड 4.66 फीसदी यानी 6607 रुपए (gold price hike) की बढ़ के साथ 1,48,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर (gold rate today) पहुंच गया। जबकि चांदी में 12 फीसदी यानी 30,000 रुपए (silver price hike) तक का उछाल आया। शाम 5 बजे तक चांदी 2,64,094 रुपए प्रति किलोग्राम (silver rate today) पर ट्रेड कर रही थी।

    एक्सपर्ट बोले- सट्टेबाजी के पैसों से बढ़ रही कीमत

    एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पिछले कई हफ्तों से सोना, चांदी, कॉपर और टिन जैसे मेटल्स की कीमतें बुनियादी मांग-आपूर्ति से अलग होकर सिर्फ सट्टेबाजी के पैसों के दम पर ऊपर जा रही थीं। खासकर चीन से आए तेज सट्टा निवेश ने बाजार में आग लगा रखी थी।

    लेकिन यह तेजी टिक नहीं पाई। कुछ ही घंटों में बाजार का रुख पलटा और कमोडिटी इतिहास के सबसे तेज क्रैश में बदल गया। जर्मनी की हेराउस मेटल (Heraeus Metal) कंपनी के ड्रेडिंग हेड डोमिनिक स्पेरज़ेल (Dominik Sperzel) बताते हैं कि, "मैंने अपने पूरी करियर में इतना बेकाबू बाजार नहीं देखा। सोना स्थिरता की निशानी माना जाता है, लेकिन यह मूवमेंट स्थिरता नहीं दिखाता।"

    यह भी पढ़ें- Gold Price Target 2026: कितनी होगी आगे सोने की कीमत, अभी खरीदें या नहीं; एक्सपर्ट से जानें सब

    ट्रंप के बयान से गिरावट की चिंगारी

    क्रैश की असली ट्रिगर खबर थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) फेडरल रिजर्व के प्रमुख पद के लिए केविन वार्श (Kevin Warsh) का नाम आगे बढ़ा सकते हैं। इससे डॉलर मजबूत हुआ और सोने-चांदी पर दबाव आ गया। लेकिन जानकारों का कहना है कि बाजार पहले से ही ओवरहीट था, गिरावट तो आनी ही थी, बस वजह चाहिए थी।

    चीन की सट्टेबाजी ने बनाया बुलबुला

    पिछले कुछ हफ्तों में चीन के छोटे निवेशकों से लेकर बड़े फंड्स तक, सब मेटल मार्केट में कूद पड़े थे। यह खरीदारी असली जरूरत की नहीं, बल्कि तेजी पकड़ने की होड़ थी।

    अमेरिका की इन्फ्रास्ट्रक्चर कैपिटल मैनेजमेंट CIO जे हेटफील्ड (Jay Hatfield) ने बताया कि, "यह फंडामेंटल ट्रेड नहीं, मोमेंटम ट्रेड बन गया था। सब जानते थे कि यह फटेगा।" सोना 5,595 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। चांदी 121 डॉलर और कॉपर 14,527 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गया था, और यह स्तर टिकाऊ नहीं थे।

    ETF और ऑप्शन बाजार ने बढ़ाया पागलपन

    चांदी आधारित सबसे बड़े ईटीएफ आईशेयर सिल्वर ट्रस्ट (ETF iShares Silver Trust) में एक ही दिन 40 अरब डॉलर का ट्रेड हुआ, जो आम दिनों से कई गुना ज्यादा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर रिटेल निवेशक 1000% मुनाफे की कहानियां शेयर कर रहे थे। ऑप्शन ट्रेडिंग इतनी बढ़ गई कि चांदी ETF के कॉल ऑप्शन वॉल्यूम ने Nasdaq 100 को भी पीछे छोड़ दिया।

    वहीं जैसे ही डॉलर मजबूत हुआ, चीनी निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू किया। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन ने बेचा और अब पूरी दुनिया कीमत चुका रही है।

    आगे क्या होगा, फिर चीन पर नजर?

    अब सबकी नजर शंघाई बाजार पर है। अगर वहां दोबारा खरीदारी शुरू हुई तो दाम संभल सकते हैं। चीन में नया साल आने वाला है, जो परंपरागत रूप से सोना खरीदने का सीजन होता है। लेकिन चांदी में फिलहाल खरीदार पीछे हटते दिख रहे हैं।

    चीनी बैंकों ने भी जोखिम कम करने के लिए कदम उठाए हैं। चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक (China Construction Bank) और इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (Industrial and Commercial Bank of China) ने गोल्ड सेविंग प्रोडक्ट्स में सख्ती बढ़ाई है।