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    Gold Silver Price Crash: शादी के लिए गहने अभी लें या रुकें? कितना और गिरेगा सोना, टारगेट क्या? 12 सवालों में सबकुछ

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 12:05 PM (IST)

    Gold Silver Target Price 2026: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट के बीच, कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने शादी के लिए गहने खरीदने और निवेश संबंधी सव ...और पढ़ें

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली| क्या सोना सच में 1 लाख रुपए के नीचे आ जाएगा? मेरी बहन या बेटी की शादी है, क्या मुझे अभी गहने खरीद (Should I Buy Gold Now for Wedding) लेने चाहिए या और दाम गिरने का इंतज़ार करना चाहिए?

    इन दिनों हर घर में यही सवाल गूंज रहे हैं। युद्ध के माहौल में सोने-चांदी के दाम अपने ऑल-टाइम हाई से औंधे मुंह गिरे हैं। सोना 25% और चांदी 50% तक सस्ती (gold silver price crash) हो चुकी है। ऐसे में लोगों के मन में निवेश और खरीदारी को लेकर भारी कन्फ्यूजन है।

    आपके इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए हमने जागरण बिजनेस के खास शो 'प्रॉफिट की मंडी' में बात की कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता से। जिसमें उन्होंने आपके हर कंफ्यूजन को दूर किया और बताया कि आखिर बाजार के मौजूदा हाल क्या हैं और आपके लिए सही रणनीति क्या रहेगी? बातचीत के दौरान उन्होंने सोने-चांदी का टारगेट प्राइस तक बता दिया। पढ़ें बातचीत के मुख्य अंश:

    सवाल 1: क्या सोना 1 लाख रुपए के नीचे आएगा? (Will Gold Fall Below 1 Lakh)

    जवाब: देखिए, फिलहाल ऐसा नहीं लगता कि सोना 1 लाख के नीचे जाएगा। जियोपॉलिटिकल टेंशन (युद्ध आदि) आमतौर पर सोने को सपोर्ट करते हैं। हालांकि, अभी क्रूड ऑयल महंगा होने से महंगाई का डर है, जिससे सेंट्रल बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं या स्थिर रख सकते हैं।

    शॉर्ट टर्म में यह सोने के लिए नेगेटिव है। लेकिन लंबी अवधि में महंगाई बढ़ने पर सोने की डिमांड आएगी। हो सकता है सोना 1,02,000 या 1,12,000 रुपए (Gold Target Price 2026) के आसपास आए, लेकिन 1 लाख के नीचे जाने की संभावना कम है।

    सवाल 2: चांदी को लेकर क्या अनुमान है, क्या यह और गिरेगी?

    जवाबः चांदी 29 जनवरी 4.20 लाख रुपए तक पहुंच गई थी, जो 'FOMO' (Fear Of Missing Out) की वजह से एक अनएक्सपेक्टेड तेजी थी। मुझे लगता है कि चांदी का भाव 1,80,000 से 2 लाख रुपए के बीच सेटल (Silver Target Price 2026) होना चाहिए और वैश्विक बाजार में यह 60 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ सकती है। पिछले 15 सालों के ट्रेंड को देखें तो 60 डॉलर का लेवल एक अच्छी 'वैल्यू बाइंग' रेंज है।

    सवाल 3: मेरी बहन/बेटी की शादी है, क्या गहने खरीद लूं या रुक जाऊं?

    जवाबः अगर आप देखेंगे तो चांदी 4.20 लाख रुपए से गिरकर 2 लाख पर आ गई है, यानी 50% से ज्यादा का करेक्शन। अगर कोई 4.20 लाख पर खरीद सकता था, तो 2 लाख पर क्यों नहीं? यह खरीदारी का बहुत अच्छा मौका है। सोना-चांदी ऐसी चीजें हैं, जिनमें जंग नहीं लगता और इनकी वैल्यू जीरो नहीं होती। अगर आपको जरूरत है, तो यह सही समय है।

    सवाल 4: क्या यह सोना-चांदी खरीदने का सबसे सही समय है?

    जवाबः अगर आपका नजरिया लॉन्ग टर्म का है, तो बिल्कुल। इतिहास गवाह है, चाहे वर्ल्ड वॉर 1 हो, 2 हो, भारत-पाकिस्तान युद्ध हो या रूस-यूक्रेन, पिछले 100 सालों में सोने ने हमेशा रिटर्न दिया है। इसे आप 10 साल की एफडी की तरह समझें। अगर आपको लगता है कि आपने ऊंचे भाव पर खरीद लिया है, तो घबराएं नहीं, इसे संभाल कर रखें, भविष्य में यह आपको फायदा ही देगा। शॉर्ट टर्म में रातों-रात 25 हजार बढ़ने की उम्मीद न रखें।

    सवाल 5: युद्ध के समय में तो सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, इस बार गिर क्यों रहे हैं?

    जवाबः इसके दो मुख्य कारण हैं:
    कैश की जरूरत: युद्ध प्रभावित क्षेत्रों (जैसे मिडिल ईस्ट) में लोग अनिश्चितता के कारण अपना सोना और प्रॉपर्टी बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं ताकि वे आसानी से दूसरी जगह शिफ्ट हो सकें। इससे बाजार में बिकवाली (Selling) बढ़ गई है।

    प्रॉफिट बुकिंग: सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की सुगबुगाहट से बड़े फंड्स और ईटीएफ (ETF) अपना सोना बेचकर प्रॉफिट बुक कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि युद्ध खत्म होने के बाद वे दोबारा निचले स्तरों पर खरीदारी करेंगे।

    यह भी पढ़ें- Gold Silver Price Crash: औंधे मुंह गिरी कीमतें, सोना ₹3200 सस्ता, चांदी ₹13000 टूटी; इन दो वजहों से आई गिरावट!

    सवाल 6: चांदी की इंडस्ट्री डिमांड पर युद्ध का क्या असर पड़ा है?

    जवाबः युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। चांदी की शिपमेंट्स समय पर नहीं आ पा रही हैं। फिजिकल मार्केट में हमने देखा है कि समय पर सोना-चांदी न मिलने के कारण कई ज्वेलर्स ने ऑर्डर भी कैंसिल किए हैं। सप्लाई न होने से लोगों ने गहनों की जगह कैश देना बेहतर समझा है, जिससे कुछ हद तक डिमांड कमजोर हुई है और इसका असर कीमतों पर दिख रहा है।

    सवाल 7: क्या गोल्ड-सिल्वर का कोई दूसरा बेहतर विकल्प (Replacement) है?

    जवाबः ईमानदारी से कहूं तो गोल्ड और सिल्वर का कोई सीधा रिप्लेसमेंट नहीं है। ये ऐसे प्रोडक्ट हैं जो अनिश्चितता में आपका साथ देते हैं और मार्केट गिरने पर सपोर्ट करते हैं। आप लोहे या कच्चे तेल में आम आदमी की तरह निवेश नहीं कर सकते। इसलिए पोर्टफोलियो में 15-20% हिस्सा सोने-चांदी का रखना हमेशा समझदारी है।

    सवाल 8: अगर मैं फिजिकल गोल्ड न खरीदना चाहूं, तो क्या करूं?

    जवाब: अगर आप गहने या सिक्के नहीं खरीदना चाहते, तो आप गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सिल्वर ईटीएफ ले सकते हैं।

    सवाल 9: क्या ईटीएफ खरीदना फिजिकल गोल्ड खरीदने जैसा ही है?

    जवाबः हां, बिल्कुल। ईटीएफ सिर्फ गोल्ड खरीदने का एक अलग 'तरीका' है। आप जितना ईटीएफ खरीदते हैं, एएमसी (AMC) को उतना ही फिजिकल गोल्ड अपने पास रखना पड़ता है। इसमें फायदा यह है कि आप SIP के जरिए हर महीने थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इसे खरीद सकते हैं।

    10. गोल्ड और सिल्वर का टारगेट प्राइस क्या है? कहां तक गिर सकते हैं?

    जवाबः सोने ने हाल ही में $4000 का लेवल तोड़ा था लेकिन वहां से तुरंत $500 की रिकवरी भी दिखाई। अगर सोना दोबारा 1,02,000 से 1,12,000 रुपए के लेवल पर आता है, तो वह एक्युमुलेट (Accumulate) करने का बहुत अच्छा मौका होगा।

    सवाल 11: चांदी के लिए सपोर्ट लेवल क्या रहेगा?

    जवाबः चांदी के लिए 1,80,000 से 2 लाख रुपए ($55 से $60) के बीच का स्तर एक मजबूत सपोर्ट है। अगर दाम यहां तक आते हैं, तो यह भी लॉन्ग टर्म के लिए खरीदारी का एक बेहतरीन मौका साबित होगा।

    सवाल 12: आगे के लिए निवेशकों को क्या सलाह है?

    जवाब: पैनिक न करें। अगर आपने ऊंचे भाव पर खरीदा है, तो उसे होल्ड करें। और अगर आप नई खरीदारी की सोच रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट का फायदा उठाएं और छोटी-छोटी किस्तों (SIP) या टुकड़ों में निवेश करें। सोना-चांदी हमेशा से सुरक्षित निवेश रहा है और आगे भी रहेगा।