सर्च करे
Home

Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Gold Silver Price Hike: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इस हफ्ते महंगा हुआ सोना, चांदी की ₹11363 बढ़ी कीमत; देखें ताजा भाव

    By IANSEdited By: Gyanendra Tiwari
    Updated: Sat, 09 May 2026 02:50 PM (IST)

    Gold Silver Price Hike: भू-राजनीतिक अनिश्चितता और मध्य पूर्व तनाव के कारण इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सोने में ₹2,72 ...और पढ़ें

    preferred source google
    News Article Hero Image

    मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इस हफ्ते महंगा हुआ गोल्ड-सिल्वर

    IANS, नई दिल्ली। Gold Silver Price Hike: भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच इस हफ्ते सोने की कीमतों में 1.83 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

    हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को एमसीएक्स गोल्ड जून फ्यूचर्स में 0.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, और यह 1,52,589 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया, तो वहीं एमसीएक्स सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स में 1.34 प्रतिशत यानी 3,459 रुपये की तेजी आई और यह 2,61,999 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।

    Gold Silver Price Today: क्या है सोने-चांदी का ताजा भाव

    इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाले सोने का भाव 1,51,078 रुपये प्रति 10 ग्राम (Gold Rate on IBJA) रहा, जो सोमवार को बाजार खुलने के समय 1,48,357 रुपए था। यानी एक हफ्ते में सोने की कीमतों में 2,721 रुपये (Silver Rate on IBJA) की बढ़त दर्ज की गई है।

    वहीं अगर चांदी की बात करें तो IBJA के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,55,600 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जो सोमवार को बाजार खुलने के समय 2,44,237 रुपये प्रति किलोग्राम था। यानी एक हफ्ते में चांदी का रेट 11,363 रुपए चढ़ गया।

    आईबीजेए के आंकड़ों के मुताबिक, इस हफ्ते चांदी की कीमतों में लगातार बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि सोने की कीमतों में थोड़ा उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन इस हफ्ते लगातार तीन सत्रों में सोने ने बढ़त दर्ज की है।

    क्यों भाग रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

    इसकी मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी रही, जिसने मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के असर को कम कर दिया।

    अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में बताया गया कि अप्रैल में रोजगार उम्मीद से ज्यादा बढ़ा, जबकि बेरोजगारी दर 4.3 प्रतिशत पर स्थिर रही। इससे यह संकेत मिला कि अमेरिकी श्रम बाजार मजबूत बना हुआ है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।

    खबरें और भी

    क्या बोले विश्लेषक?

    विश्लेषकों का कहना है कि अगर केंद्रीय बैंक लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रखते हैं, तो इससे सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव पड़ सकता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड करीब 50 डॉलर चढ़कर 4,760 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के सत्र उच्च स्तर तक पहुंच गया। इस दौरान इसमें करीब 1.5 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, क्षेत्रीय तनाव कम होने की उम्मीद और कमजोर डॉलर के कारण सोने की मांग बढ़ी। अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद 28 फरवरी से अब तक सोना और चांदी की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।

    विश्लेषकों का कहना है कि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग अब भी बनी हुई है, लेकिन डॉलर में स्थिरता और बाजार में जोखिम लेने की भावना बढ़ने से तेजी की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। होर्मुज स्ट्रेट में कमोडिटी सप्लाई बाधित होने की आशंका फिलहाल बाजार की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।

    हालांकि, हाल के बड़े उतार-चढ़ाव के बाद बाजार अब तकनीकी स्थिरता के दौर में प्रवेश करता दिख रहा है। कीमती धातुओं में फिलहाल मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है, जहां हालिया गिरावट के बाद सोना और चांदी स्थिर होने की कोशिश कर रहे हैं।

    गुरुवार को अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच होर्मुज स्ट्रेट के पास हमलों के बाद पश्चिम एशिया का तनाव फिर बढ़ गया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि युद्धविराम अब भी लागू है।

    MCX पर गोल्ड-सिल्वर के लिए क्या है रेजिस्टेंस?

    विश्लेषकों के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,54,000 से 1,55,500 रुपये (Gold Silver Resistance) का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 1,50,000 से 1,48,000 रुपये का दायरा अहम सपोर्ट स्तर है। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर के लिए 2,65,000 रुपए का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस है, जबकि 2,60,000 से 2,58,000 रुपये का दायरा तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है।

    यह भी पढ़ें- अनिल अग्रवाल की वेदांता ट्रस्ट में डीमर्जर के बाद बड़ा उलटफेर, नए ट्रस्टी नियुक्त; ESOS प्रबंधन में बदलाव