Gold Silver Price Crash: सोने-चांदी में आने वाली है भारी गिरावट, ईरान-अमेरिकी तनाव तय करेंगे रेट; 5 फैक्टर्स पर रखें नजर
Gold Silver Outlook: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए अगला हफ्ता निर्णायक होगा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सोने-चांदी की कीमत ...और पढ़ें
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सोने-चांदी में आने वाली है भारी गिरावट, ईरान-अमेरिकी तनाव तय करेंगे रेट; 5 फैक्टर्स पर रखें नजर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं या निवेश कर चुके हैं, तो आने वाला हफ्ता आपके लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव (Middle East War Gold Rally) और अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े यह तय करेंगे कि सोने-चांदी की कीमतों में चल रही तेजी जारी रहेगी या अब इसमें कोई बड़ी गिरावट (Gold Silver Price Crash) आएगी।
क्यों बढ़ रही है बाजार में बेचैनी?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस हफ्ते बुलियन मार्केट की दिशा ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद पर टिकी है। ईरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर किए गए विरोधाभासी बयानों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है।
पहले ईरान ने इस व्यापारिक जलमार्ग को खोलने की बात कही, लेकिन अमेरिकी पोर्ट ब्लॉकेड के जवाब में फिर से पाबंदियां लगा दीं।
भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया है, क्योंकि ईरान की सैन्य गोलीबारी के कारण कच्चे तेल से लदे दो भारतीय जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के मुताबिक,
कीमती धातुओं के लिए यह हफ्ता ट्रेंड तय करने वाला होगा। निवेशकों की नजर जापान और ब्रिटेन के महंगाई आंकड़ों और चीन के मौद्रिक नीति के फैसले पर रहेगी।"
उन्होंने आगे बताया कि पिछले चार हफ्तों से डॉलर में कमजोरी और वैश्विक अस्थिरता के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की मांग बढ़ी है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ईरान नीति में बार-बार हो रहे बदलावों ने बाजार में भारी उतार-चढ़ाव पैदा किया है।
पिछले हफ्ते का हाल: रिकॉर्ड तोड़ तेजी
बीते हफ्ते घरेलू बाजार (MCX) पर सोने और चांदी ने जबरदस्त छलांग लगाई है:
- चांदी: चांदी की कीमतों में 5.7% (13,868 रुपए) का उछाल आया और यह 2.57 लाख रुपए प्रति किलो पर बंद हुई।
- सोना: सोने के दाम 1.3% (1,957 रुपए) बढ़कर 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गए।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार: कोमैक्स (Comex) पर चांदी करीब 81.84 डॉलर और सोना 4,879 डॉलर प्रति औंस पर रहा।
नजर रखने वाले मुख्य फैक्टर्स
आने वाले दिनों में बाजार की चाल इन 5 वजहों से तय होगी।
- अमेरिका-ईरान सीजफायर: 22 अप्रैल को दोनों देशों के बीच सीजफायर खत्म हो रहा है, जिससे तनाव फिर बढ़ सकता है।
- अमेरिकी डेटा: रिटेल सेल्स, हाउसिंग नंबर और मैन्युफैक्चरिंग PMI जैसे आंकड़े डॉलर की दिशा तय करेंगे।
- फेड रिजर्व के नए चेयरमैन: मंगलवार को केविन वॉर्श के फेड रिजर्व चेयरमैन बनने की प्रक्रिया शुरू होगी। अगर उनका रुख नरम (Dovish) रहता है, तो सोने को और सहारा मिलेगा।
- ETF की वापसी: मार्च में भारी बिकवाली के बाद अब निवेशक दोबारा गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ (ETF) की ओर लौट रहे हैं।
- सप्लाई की कमी: चांदी को इंडस्ट्रियल डिमांड और सप्लाई में कमी के अनुमान से लगातार सपोर्ट मिल रहा है।
निवेशकों के लिए 'करो या मरो' की स्थिति
ब्रोजरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग के अनुसार, इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के संघर्ष विराम से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी बरकरार रहने तक बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी।
कुल मिलाकर, अगला एक हफ्ता सोने के निवेशकों के लिए 'करो या मरो' की स्थिति वाला हो सकता है।
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