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    सोना-चांदी की तरह कोयले में ट्रेड कर पाएंगे निवेशक, MCX-NSE ने उठाया बड़ा कदम; SEBI से भी मिली मंजूरी

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 08:56 PM (IST)

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) को SEBI से प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज में निवेश की मंजूरी मिली है, जिससे वह ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार करेगा। MCX 100 करोड़ ...और पढ़ें

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    कोल एक्सचेंज ऊर्जा क्षेत्र में अपने कारोबार के विस्तार की दिशा में MCX का यह एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।

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    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से एक प्रस्तावित कोल एक्सचेंज (कोयला विनिमय) कंपनी में निवेश करने की मंजूरी मिल गई है। ऊर्जा क्षेत्र में अपने कारोबार के विस्तार की दिशा में MCX का यह एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मंजूरी के बाद MCX एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्थापित कर सकेगा, जिसका नाम संभावित रूप से 'MCX कोल एक्सचेंज लिमिटेड' हो सकता है। यह कंपनी कोयला व्यापार के लिए एक विनियमित और तकनीक-संचालित मार्केटप्लेस तैयार करेगी।

    ड्राफ्ट कोल एक्सचेंज फ्रेमवर्क के तहत न्यूनतम नेटवर्थ की जरूरतों को पूरा करने के लिए MCX शुरुआती पूंजी के रूप में 100 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगा। शुरुआत में इस नई इकाई में MCX की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, हालांकि भविष्य में रणनीतिक साझेदारों  को भी इसमें शामिल किए जाने की संभावना है।

    आगे की नियामक प्रक्रिया क्या होगी?

    MCX ने अपनी एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया, "SEBI ने 17 अप्रैल, 2026 के पत्र के माध्यम से, अन्य बातों के अलावा, SECC रेगुलेशंस के रेगुलेशन 38(2) के तहत प्रस्तावित कोल एक्सचेंज कंपनी में निवेश के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।" कंपनी ने आगे बताया कि जैसे ही सरकार द्वारा फ्रेमवर्क (नियम और रूपरेखा) पूरी तरह से तय कर लिया जाएगा, उसके बाद भारत के कोल कंट्रोलर संगठन के पास लाइसेंस के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।

    इस नए कोल एक्सचेंज का मुख्य उद्देश्य क्या है?

    MCX के अनुसार, इस प्रस्तावित प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य फिजिकल डिलीवरी के साथ-साथ कोयले की पारदर्शी, मानकीकृत और डिजिटल ट्रेडिंग को सक्षम बनाना है। इससे इस पूरे सेक्टर में 'प्राइस डिस्कवरी' (मूल्य खोज) और दक्षता में भारी सुधार होगा।
    फाइलिंग में कहा गया है, "इस पहल के माध्यम से MCX भारत सरकार के विजन के अनुरूप एक पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-संचालित कोयला इकोसिस्टम विकसित करने के लिए कमोडिटी एक्सचेंज के गवर्नेंस, सर्विलांस (निगरानी) और क्लियरिंग एवं सेटलमेंट तंत्र में अपने नेतृत्व का पूरा लाभ उठाएगा।"

    क्या इस क्षेत्र में कोई और एक्सचेंज भी उतर रहा है?

    जी हां, MCX अकेला नहीं है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भी अपनी प्रस्तावित कोल एक्सचेंज सहायक कंपनी 'नेशनल कोल एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड' में निवेश करने के लिए SEBI से मंजूरी मिल चुकी है।
    NSE ने इस वेंचर में 100 करोड़ रुपये तक की शुरुआती पूंजी लगाने की प्रतिबद्धता जताई है। इस संयुक्त उद्यम में NSE की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि शेष 40 प्रतिशत हिस्सेदारी अन्य शेयरधारकों को दी जाएगी।

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