Middle East तनाव से Crude Oil में उछाल, अब भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? एक्सपर्ट ने बताई Inside Story
Petrol Diesel Price News: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका है। ...और पढ़ें

Middle East तनाव से Crude Oil में उछाल, अब भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? एक्सपर्ट ने बताई Inside Story

समय कम है?
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नई दिल्ली| अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव का असर सोमवार को बाजार पर साफ दिखाई दिया। जहां गोल्ड-सिल्वर में बड़ी गिरावट (gold silver price crash) दर्ज हुई, तो वहीं क्रूड ऑयल में जोरदार तेजी (crude oil price hike) देखने को मिली। क्रूड ऑयल 3.68 फीसदी यानी 2.63 डॉलर की तेजी आई और कीमत 74 डॉलर प्रति बैरल (crude oil price) के पार पहुंच गई। जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 4% उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव की सबसे बड़ी चिंता अब सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि तेल सप्लाई पर बढ़ता खतरा है।
सवाल उठने लगे हैं कि क्या अब क्रूड फिर महंगा होगा? अगर- हां, तो क्या भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होगा? इसका भारत पर क्या असर पड़ेगा? इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने पूरी तस्वीर साफ की।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ तो क्या होगा?
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज तेजी का है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.96% चढ़कर 79.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, WTI क्रूड 74 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख अनिंद्या बनर्जी ने जागरण बिजनेस को बताया कि
तेल की कीमतें सिर्फ सैन्य हमलों की वजह से नहीं बढ़ रहीं, बल्कि बाजार को इस बात की ज्यादा चिंता है कि कूटनीतिक समाधान लगातार दूर होता जा रहा है। अमेरिका ने एक सप्ताह में ईरान पर चौथा हमला किया, जबकि ईरान ने कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को अगली सूचना तक बंद घोषित करने का दावा किया है। हालांकि, अमेरिका इस दावे से सहमत नहीं है।"
बनर्जी का कहना है कि अगर तनाव और बढ़ता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से तेल ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही और प्रभावित होती है, तो ब्रेंट क्रूड 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। भारतीय वायदा बाजार MCX पर इसकी कीमत 7,800 से 8,300 रुपए प्रति बैरल के दायरे में जा सकती है।
क्रूड ऑयल पर बना रह सकता है दबाव
अनिंद्या बनर्जी का मानना है कि दोनों पक्षों के पास तनाव को सीमित रखने की वजह भी है। अमेरिका अपने मध्यावधि चुनावों से पहले तेल की कीमतों को काबू में रखना चाहता है, जबकि ईरान प्रतिबंधों में राहत की उम्मीद कर रहा है। कतर की मध्यस्थता भी जारी है। इसलिए फिलहाल पूरी तरह बड़े युद्ध की बजाय सीमित संघर्ष की संभावना ज्यादा मानी जा रही है। फिर भी जब तक हर नई खबर तेल सप्लाई और जहाजों की आवाजाही पर असर डालती रहेगी, तब तक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का दबाव बना रह सकता है।
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क्रूड ऑयल महंगा हुआ तो क्या भारत में पेट्रोल-डीजल भी महंगा हो जाएगा?
सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एंड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने जागरण बिजनेस को बताया कि,
जब तक ब्रेंट क्रूड 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहता है, तब तक भारत पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा। हालांकि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई प्रभावित होती है, तो क्रूड में तेज उछाल आ सकता है। ऐसी स्थिति में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल बाजार यह मानकर चल रहा है कि वैश्विक सप्लाई सामान्य रहती है तो सरकार को ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अगर क्रूड ऑयल सस्ता रहता है तो क्या पेट्रोल-डीजल के दाम घट सकते हैं?
इस सवाल का जवाब 'हां' है, लेकिन तुरंत नहीं। अनुज गुप्ता ने बताया कि भारत ने पिछले कुछ महीनों में ऊंचे भाव पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा था। इसलिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की औसत खरीद लागत अभी भी ज्यादा है। अगर अगले दो-तीन महीने तक क्रूड 60 से 80 डॉलर प्रति बैरल के बीच बना रहता है, तो कंपनियों की लागत कम होगी। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना बढ़ सकती है। यानी सिर्फ एक-दो दिन की गिरावट से नहीं, बल्कि लंबे समय तक सस्ते क्रूड से आम लोगों को फायदा मिलेगा।