Milk Price Hike: फिर बढ़ने वाली है दूध की कीमत? इस बार अल-नीनो बढ़ाएगा डेली का खर्च
देश में दूध की कीमतें जुलाई या अगस्त तक फिर बढ़ सकती हैं, मई में पहले ही 2-3% की वृद्धि हो चुकी है। अल-नीनो के कारण कम बारिश से चारे की कमी और दूध उत् ...और पढ़ें

Al Nino के कारण दूध के दाम बढ़ने की आशंका
HighLights
दूध की कीमतें मई में 2-3% पहले ही बढ़ीं।
अल-नीनो से जुलाई-अगस्त तक और वृद्धि संभव।
कम बारिश से चारे की कमी, उत्पादन पर असर।
नई दिल्ली| दूध का इस्तेमाल लगभग हर घर में किया जाता है। दूध रोज की जरूरत का अहम हिस्सा है। अब दूध की कीमत को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। देश की प्रमुख दूध डेयरी और कंपनियों की ओर से मई में दूध की कीमतें पहले ही 2-3% बढ़ चुकी हैं, जुलाई या अगस्त तक इसकी कीमत में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।
अलनीनो की वजह से बढ़ सकते हैं दाम
इस बार दूध की की कीमतों में उछाल का कारण अलनीनो बन सकता है। क्योंकि अलनीनो के कारण सामान्य से बहुत बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। कम बारिश होने पर चारे के कमी की समस्या भी बन सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डेयरी उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि मई में दूध की कीमतें पहले ही 2-3% बढ़ चुकी हैं, लेकिन अगर अल नीनो और कम मानसून के कारण चारे की कमी और बढ़ जाती है और दूध उत्पादन प्रभावित होता है, तो जुलाई या अगस्त तक इनमें और वृद्धि हो सकती है।
चारे की कमी की आशंका
महाराष्ट्र के पशुपालन आयुक्त किरण पाटिल ने मीडिया को बताया कि, "अल नीनो के कारण निकट भविष्य में चारे की कमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस स्थिति से पशुधन और दूध उत्पादन प्रभावित न हो, इसके लिए राज्य के सभी पशुपालकों को अभी से सतर्क रहना चाहिए और चारे की फसलों की योजना बनानी चाहिए।"
प्रमुख डेयरी कंपनियों ने क्या कहा?
अमूल ब्रांड की मालिक गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने कहा, "अल नीनो का दूध की उपलब्धता पर तत्काल कोई प्रभाव नहीं है। कम बारिश का प्रभाव आमतौर पर पूरे देश को प्रभावित करने के बजाय कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रहता है।"
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मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने कहा कि वह खरीद क्षेत्रों में स्थितियों पर नजर रख रही है और जहां आवश्यक हो वहां राहत उपाय तैयार कर रही है। "हम अपने खरीद नेटवर्क में राज्यवार घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और जहां भी आवश्यक हो, उचित राहत उपायों पर काम कर रहे हैं।"