'गोल्ड रिसाइकलिंग से बचेगी विदेशी मुद्रा'...पुरानी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम फिर से शुरू करने की मांग; क्या होगा फायदा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील का इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन ने समर्थन किया है। यह कदम विदेशी मुद्रा बचाने और अर्थव ...और पढ़ें

गोल्ड रिसाइकलिंग से बचेगी विदेशी मुद्रा

समय कम है?
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आईएएनएस, नई दिल्ली। विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील का समर्थन करते हुए इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के गुजरात अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने सोमवार को कहा कि सोना केवल उपभोग के लिए नहीं है, बल्कि यह देश की संस्कृति, बचत, सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का भी एक महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की इस अपील से महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा की बचत करने में मदद मिलेगा।
ऐसे बढ़ेगी सोने की रिसाइकलिंग
पच्चीगर ने कहा कि इस उद्योग से लाखों छोटे कारीगर जुड़े हुए हैं और इस वजह से सरकार को पुरानी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को दोबारा से शुरू करना चाहिए। इससे बाजार में पुराना सोना लाने में मदद मिलेगी और इसकी रिसाइकिलिंग बढ़ेगी।
इससे छोटे और मझोले कारीगरों को लगातार काम मिलता रहेगा। इससे विदेशी मुद्रा को देश से बाहर जाने से रोकने के सरकार के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
इकोनॉमी पर पड़ता है असर
पच्चीगर ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का पालन करते हुए विदेशी मुद्रा की बचत भी हो और साथ ही आभूषण क्षेत्र से जुड़े करोड़ों कारीगरों की आर्थिक व्यवस्था पर भी कोई आंच न आए। इसके लिए एसोसिएशन जल्द ही सरकार के समक्ष एक सुझाव पत्र भी पेश करेगी।
दूसरी तरफ, जेसीबीएल ग्रुप की निदेशक सीए रेणु अरोड़ा ने पीएम मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि सोने और कच्चे तेल के हम पूरी तरह से विदेशों पर निर्भर हैं, जब भी हम विदेशों से सोना और कच्चा तेल खरीदते हैं तो हमारे रुपए पर दबाव बढ़ता और इसकी वैल्यू कम होती है। इससे अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।
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क्या बोले पीएम मोदी?
अरोड़ा ने आगे कहा कि सोने और कच्चे तेल की खपत कम होगी, तो वैश्विक झटकों का सामना करने में देश को मदद मिले।
रविवार को सिकंदराबाद में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से अगले एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी, जिससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके।
उन्होंने कहा, “वर्तमान परिस्थितियों में, विदेशी मुद्रा बचाना देश के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।”
आयातित ईंधन पर भारत की निर्भरता का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने ईंधन की बचत, अनावश्यक खर्चों में कटौती और भारत में बनने वाली चीजों की खपत को प्राथमिकता देने जैसे उपायों को आवश्यक बताया।
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